अलवर ओपन जेल से हत्या का दोषी कैदी फरार, पुलिस ने शुरू किया व्यापक सर्च ऑपरेशन
राजस्थान के अलवर स्थित ओपन जेल से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक कैदी फरार हो गया। नियमित गिनती के दौरान कैदी के लापता होने का पता चलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन फरार कैदी का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ओपन जेल से फरार हुआ हत्या के मामले में सजायाफ्ता कैदी
अलवर की ओपन जेल से फरार हुआ कैदी समीर अली पुत्र जाकिर अली जयपुर के रामगंज क्षेत्र का निवासी है। उसे हत्या के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अदालत के आदेश के बाद दिसंबर 2025 से वह अलवर की ओपन जेल में सजा काट रहा था। नियमित प्रक्रिया के तहत उसकी उपस्थिति दर्ज की गई थी, लेकिन कुछ ही देर बाद दोबारा हुई गिनती में वह जेल परिसर से गायब मिला। घटना के बाद जेल प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी।
औचक निरीक्षण के दौरान खुली फरारी की पोल
जानकारी के अनुसार उपकारापाल स्वीटी स्टेला, मुख्य प्रहरी महेंद्र कुमार और प्रहरी सतीश शर्मा ने ओपन जेल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बंदियों की दोबारा गिनती कराई गई, जिसमें कुल 67 बंदियों में से 63 पुरुष और 4 महिला बंदी मौजूद मिले, जबकि समीर अली अनुपस्थित पाया गया। इसके बाद जेल स्टाफ ने उसके आवंटित आवास संख्या-36 की गहन तलाशी ली, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि कैदी जेल परिसर से फरार हो चुका है।
मोबाइल बंद मिला, आसपास के इलाकों में चलाया गया सर्च अभियान
कैदी के गायब होने की पुष्टि होते ही जेल प्रशासन ने आसपास के संभावित क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी। पुलिस और जेल कर्मियों ने कई स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। जेल रिकॉर्ड में दर्ज समीर अली के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद मामले की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई, ताकि फरार कैदी की तलाश तेज की जा सके और संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई जा सके।
कोतवाली थाने में मामला दर्ज, जांच एएसआई को सौंपी गई
कोतवाली थाना प्रभारी रमेश सैनी ने बताया कि जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच एएसआई वेद प्रकाश को सौंपी गई है। पुलिस फरार कैदी की तलाश के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कैदी ने फरार होने की योजना कैसे बनाई और क्या उसे किसी प्रकार की बाहरी सहायता मिली थी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी ओपन जेल से फरार हो चुके हैं कैदी
अलवर के खुला बंदी शिविर से कैदियों के फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां से बंदियों के भागने के मामले सामने आ चुके हैं। एक मार्च 2025 को आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो कैदी मुकेश और सतीश कुमार उर्फ सेढूराम मीणा भी ओपन जेल से फरार हो गए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने ओपन जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब इस ताजा घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों की फिर से समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।