राखी पर बहन से मिलने वाला था अर्जुन, पहले आई मौत की खबर
करौली के हिंडौनसिटी में बारिश और तेज हवा के बीच टूटे बिजली के तार ने 18 साल के अर्जुन बागरिया की जिंदगी छीन ली। अर्जुन रक्षाबंधन पर अपनी बहन रोशनी से राखी बंधवाने भरतपुर जाने वाला था, लेकिन इससे पहले ही परिवार तक उसकी मौत की खबर पहुंच गई। बयाना रोड स्थित आनंद विहार कॉलोनी के पास जलभराव से बचते हुए अर्जुन साइकिल रिक्शा निकाल रहा था, तभी बिजली का जर्जर तार टूटकर रिक्शे के हैंडल से जा टकराया। करंट की चपेट में आए अर्जुन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
बारिश के बीच टूटकर गिरा बिजली का तार
मंगलवार शाम हिंडौनसिटी में तेज बारिश और हवा के दौरान यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि 18 वर्षीय अर्जुन बागरिया बयाना रोड स्थित आनंद विहार कॉलोनी के पास से साइकिल रिक्शा निकाल रहा था। इलाके में बारिश के कारण जलभराव था। इसी दौरान ऊपर से बिजली का तार टूटकर नीचे गिरा और रिक्शे के हैंडल से संपर्क में आ गया। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण अर्जुन उसकी चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति को देखते हुए किसी तरह बिजली की लाइन को हटाया और अर्जुन को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।
अस्पताल पहुंचने से पहले जिंदगी की जंग हार गया
हादसे के बाद आसपास के लोगों ने लाठियों की मदद से बिजली के तार को हटाया और अर्जुन को जिला अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करंट लगने के बाद अर्जुन गंभीर रूप से झुलस गया था। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना परिवार तक पहुंचते ही वहां मातम छा गया। जिस घर में रक्षाबंधन को लेकर भाई के आने का इंतजार था, वहां अचानक मौत की खबर पहुंची। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बचपन में पिता का साया उठा, कम उम्र में काम शुरू किया
अर्जुन का जीवन पहले से ही संघर्षों से भरा था। परिवार के मुताबिक बचपन में ही उसके सिर से पिता का साया उठ गया था। इसके बाद मां ने मजदूरी करके अर्जुन और उसकी बहन की परवरिश की। कम उम्र से ही अर्जुन परिवार की जिम्मेदारियों को समझने लगा था। करीब 12 साल की उम्र में उसने कबाड़ बीनने का काम शुरू कर दिया था। पिछले करीब छह महीने से वह हिंडौनसिटी में एक ठेकेदार के पास रहकर कचरा और कबाड़ बीनने का काम कर रहा था। मेहनत करके वह परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने में मदद करता था।
‘राखी पर घर आने का वादा किया था’
अर्जुन की मौत की खबर सुनकर भरतपुर से उसकी बहन रोशनी हिंडौनसिटी अस्पताल पहुंची। भाई को खोने के गम में वह लगातार रोती रही। परिजनों के अनुसार अर्जुन ने अपनी बहन से वादा किया था कि वह रक्षाबंधन पर घर आएगा और उससे राखी बंधवाएगा। बहन भी भाई के आने का इंतजार कर रही थी। लेकिन राखी से पहले ही उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। रोशनी की आंखों में भाई के आने का इंतजार था, लेकिन अस्पताल में उसे अपने भाई का शव देखना पड़ा।
मुआवजे की मांग को लेकर पोस्टमॉर्टम से किया इनकार
हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में विद्युत निगम के प्रति नाराजगी भी सामने आई। परिजनों ने बिजली विभाग की कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की और शुरुआत में पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और नई मंडी थाना पुलिस की समझाइश के बाद बुधवार शाम पोस्टमॉर्टम कराया गया। समाजसेवी विष्णु प्रजापत की मदद से मृतक की बहन रोशनी ने विद्युत निगम के स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
परिवार को सहायता का आश्वासन, लेकिन सवाल बरकरार
हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे विद्युत निगम के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन और पुलिस की ओर से भी मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, इस हादसे ने बारिश के मौसम में जर्जर बिजली लाइनों और खुले तारों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक परिवार ने अपना 18 वर्षीय बेटा और एक बहन ने अपना भाई खो दिया। सरकारी सहायता आर्थिक नुकसान की भरपाई में मदद कर सकती है, लेकिन रक्षाबंधन पर बहन की कलाई पर राखी बांधने वाला अर्जुन अब कभी वापस नहीं आएगा।