विदेश में नौकरी का झांसा देकर 32 लाख की ठगी, आरोपी एजेंट गिरफ्तार
इंट्रो: सीकर में विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एजेंट ने अजरबेजान में नर्सिंग ऑफिसर समेत अलग-अलग पदों पर नौकरी दिलाने और आकर्षक वेतन का झांसा देकर आधा दर्जन से अधिक लोगों से करीब 32 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। मामला सामने आने के बाद सीकर शहर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी एजेंट को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी के नेटवर्क, रकम के लेन-देन और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुआ नौकरी का झांसा
पुलिस के मुताबिक, शिव कॉलोनी निवासी विकास ने 18 जून को सीकर शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार अगस्त 2025 में उसके इंस्टाग्राम पर विदेश में नौकरी से संबंधित एक विज्ञापन आया था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद उसकी बातचीत दीप कौर संधू नाम की युवती से हुई। उसे अजरबेजान में नर्सिंग ऑफिसर की नौकरी और करीब एक लाख रुपये मासिक वेतन का भरोसा दिया गया। नौकरी के बदले करीब तीन लाख रुपये देने की बात कही गई, जिसके बाद विकास इस कथित एजेंट के संपर्क में आया।
होटल की नौकरी से अजरबेजान भेजने का दावा
विकास की मुलाकात फतेहपुर रोड पर आरोपी रवि चौधरी से हुई। आरोप है कि रवि ने पहले तीन महीने होटल में काम करने और उसके बाद अजरबेजान भेजने का भरोसा दिया। इसके बाद विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर उससे रकम ली गई। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी ने नौकरी और विदेश भेजने की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग दावे किए। इसी दौरान पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही उसे अजरबेजान में बेहतर नौकरी मिल जाएगी। इसी भरोसे के आधार पर कथित तौर पर उससे आगे भी पैसे लिए गए।
चंडीगढ़ में दिया वीजा, फिर बदली पूरी कहानी
शिकायत के अनुसार, विकास को चंडीगढ़ स्थित ऑफिस में वीजा दिया गया और 16 सितंबर की टिकट होने की जानकारी दी गई। बाद में आरोपी ने टिकट कैंसिल होने की बात कही। इसके बाद मॉरीशस की टिकट और ऑफर लेटर भेज दिया गया। विकास मॉरीशस पहुंचा और वहां होटल में काम करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान रवि ने उसे अजरबेजान भेजने का भरोसा कायम रखा और अन्य लोगों को भी नौकरी के लिए जोड़ने को कहा। कथित तौर पर प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपये लेने की बात कही गई।
दोस्तों और रिश्तेदारों से भी जमा कराए लाखों रुपये
पुलिस के अनुसार, विकास ने वीडियो कॉल के जरिए अपने करीब आधा दर्जन से अधिक दोस्तों और रिश्तेदारों की आरोपी से बातचीत करवाई। आरोपी ने इन लोगों को भी विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद नौकरी पाने की उम्मीद में अलग-अलग लोगों ने कथित तौर पर करीब 32 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि रवि ने सभी को करीब 15 दिन में अजरबेजान भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। इससे पीड़ितों को ठगी का शक हुआ।
पुलिस ने गुरुग्राम से आरोपी को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद सीकर शहर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी की तलाश की और गुरुग्राम में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवि चौधरी (26), निवासी इरनियां, लक्ष्मणगढ़, जिला अलवर के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस ठगी की रकम, बैंक खातों में हुए लेन-देन और इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति या एजेंसी की भूमिका का पता लगाने पर है।
विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
यह मामला विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली साइबर और फर्जी एजेंसी ठगी के खतरे को भी सामने लाता है। आकर्षक वेतन और तुरंत विदेश भेजने के वादे अक्सर युवाओं को ऐसे जाल में फंसा देते हैं। किसी भी विदेशी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले एजेंसी की वैधता, ऑफर लेटर, वीजा प्रक्रिया और संबंधित नियोक्ता की जानकारी की आधिकारिक स्तर पर जांच करना जरूरी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है।