CJP Protest: प्रियंका गांधी बोलीं- ‘संसद किसी की जागीर नहीं’, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) समर्थकों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद भवन किसी की निजी जागीर नहीं है और वहां जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
संसद मार्च के दौरान हंगामा, सुरक्षा व्यवस्था हुई सख्त
CJP समर्थकों के संसद भवन की ओर मार्च के प्रयास के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। संसद परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए और कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किए जाने की भी खबर सामने आई। हालात को नियंत्रित करने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के बाहर और अंदर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला, बोलीं- संसद जनता की है
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने CJP प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि संसद भवन किसी एक व्यक्ति या सरकार की संपत्ति नहीं है, बल्कि देश की जनता का मंच है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को दबाने की बजाय उनसे संवाद किया जाना चाहिए।
‘संवाद की जगह कार्रवाई क्यों?’, प्रियंका ने उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत के जरिए समाधान निकालना सबसे बेहतर तरीका होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी भी लंबे समय से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। प्रियंका ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की चिंताओं को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
दीपेंद्र हुड्डा ने उठाया पेपर लीक और युवाओं का मुद्दा
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मामलों पर गंभीर चर्चा की जरूरत है। हुड्डा ने युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को संसद में उठाने की बात कही और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उनके अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का असर लाखों छात्रों के करियर पर पड़ता है।
अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को सुनना चाहिए और समस्याओं का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए। विपक्षी नेताओं के बयानों के बाद CJP प्रदर्शन अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है।