CJP Protest: संसद मार्च हिंसा मामले में FIR, हत्या की कोशिश समेत कई गंभीर धाराएं दर्ज
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने विस्तृत FIR दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की गई। FIR में हत्या की कोशिश समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने FIR में लगाए गंभीर आरोप
कर्तव्य पथ थाने में दर्ज FIR के अनुसार, जंतर-मंतर से निकली बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रफी मार्ग होते हुए संसद की ओर बढ़े। पुलिस का कहना है कि संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद भीड़ प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ती रही। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं रुके और मौके पर नारेबाजी व भाषण जारी रहे। पुलिस का दावा है कि स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती गई, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
बैरिकेड तोड़ने और पुलिस पर हमले का आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड हटाने और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, रोकने पर कुछ लोगों ने पत्थर, चप्पल और अन्य वस्तुएं फेंकी, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ड्यूटी पर तैनात जवानों को घेरने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इन आरोपों पर अभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जांच की जानी बाकी है।
संवेदनशील क्षेत्र होने का दिया गया हवाला
दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील था। पुलिस के मुताबिक, भीड़ को कई बार शांतिपूर्वक हटने की अपील की गई, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख सीमित बल प्रयोग किया गया। पुलिस ने बताया कि हल्का लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल भीड़ को तितर-बितर करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया गया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पुलिस अधिकारी सुबह से ही सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे और भीड़ बढ़ने की सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त बल भी मौके पर भेजा गया।
BNS की कई धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें सरकारी आदेश की अवहेलना, सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर हमला, गैर-कानूनी जमावड़ा, दंगा, दंगा भड़काना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, हत्या की कोशिश, लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालना और साझा आपराधिक इरादे जैसी धाराएं शामिल हैं। इन धाराओं के आधार पर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, आगे की कार्रवाई पर नजर
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, प्रदर्शन से जुड़े पक्षों की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।