कुपवाड़ा में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, पूर्व आतंकी गिरफ्तार; पिस्टल और 16 गोलियां बरामद
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त अभियान में पूर्व आतंकी मंजूर अहमद भट को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए कथित तौर पर ‘हाइब्रिड आतंकी’ के रूप में काम कर रहा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चीन निर्मित पिस्टल, दो मैगजीन और 16 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
हंदवाड़ा-कुपवाड़ा में संयुक्त अभियान
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई हंदवाड़ा-कुपवाड़ा इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की 92वीं बटालियन के साथ मिलकर की। सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इनपुट मिलने के बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई की और मंजूर अहमद भट को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान क्रूमहुरा, हंदवाड़ा निवासी मंजूर अहमद भट के रूप में हुई है। पुलिस अब उसकी गतिविधियों और कथित आतंकी संपर्कों की जांच कर रही है।
पिस्टल, मैगजीन और 16 गोलियां बरामद
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को मंजूर अहमद भट के पास से चीन निर्मित एक पिस्टल मिली। इसके अलावा दो मैगजीन और 16 जिंदा गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आतंकी गतिविधि में किया जाना था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पहले भी दो मामलों में हो चुका है गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक मंजूर अहमद भट का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि वह इससे पहले दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार हो चुका है।
अब जांच एजेंसियां उसके पुराने मामलों, संपर्कों और मौजूदा गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हंदवाड़ा थाने में FIR दर्ज
इस कार्रवाई के संबंध में हंदवाड़ा पुलिस थाने में FIR नंबर 232 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंजूर किन लोगों के संपर्क में था और क्या उसके साथ इस कथित नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
जांच एजेंसियां उसके मोबाइल और अन्य संपर्कों से जुड़े सुरागों की भी पड़ताल कर सकती हैं, ताकि कथित मॉड्यूल की पूरी कड़ी सामने आ सके।
क्या होता है ‘हाइब्रिड आतंकी’?
‘हाइब्रिड आतंकी’ शब्द का इस्तेमाल ऐसे कथित आतंकियों के लिए किया जाता है, जो सामान्य जीवन जीते हुए किसी आतंकी संगठन के निर्देश पर किसी खास वारदात को अंजाम दे सकते हैं और फिर आम लोगों के बीच लौट सकते हैं।
ऐसे लोगों की पहचान सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि वे लगातार किसी सक्रिय आतंकी के रूप में सामने नहीं आते। जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में संदिग्धों के संपर्क, गतिविधियों और आतंकी संगठनों से संभावित संबंधों की जांच करती हैं।
सोशल मीडिया और छोटे हथियारों का इस्तेमाल
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आतंकी संगठन संभावित रूप से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से ऐसे लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर सकते हैं। छोटे हथियार आसानी से छिपाए जा सकते हैं, इसलिए जांच एजेंसियां हथियारों की बरामदगी को भी गंभीरता से लेती हैं।
हालांकि, कुपवाड़ा के इस मामले में मंजूर अहमद भट ने कथित तौर पर किस तरह और किन लोगों के संपर्क में रहकर काम किया, इसका अंतिम खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
मंजूर की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस कथित मॉड्यूल के दूसरे सदस्यों और उसके संपर्कों पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार उसे किसने उपलब्ध कराए और क्या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
फिलहाल पुलिस पूछताछ और जांच के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मंजूर अहमद भट पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।