CJP Protest: अभिजीत दीपके हिरासत में, संसद मार्च के बीच बढ़ा सियासी और सुरक्षा तनाव
दिल्ली में संसद भवन के पास CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दी। प्रदर्शन के बीच संसद परिसर के बाहर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
संसद मार्च के दौरान अभिजीत दीपके हिरासत में
संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने प्रदर्शन के बीच यह कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस की ओर से हिरासत के कारणों या आगे की प्रक्रिया को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया। प्रदर्शन के दौरान कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं।
जेपी नड्डा से मुलाकात, मांगों का ज्ञापन सौंपने का दावा
सौरव दास ने बताया कि प्रदर्शन के बीच उनकी केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। उनके अनुसार, इस दौरान CJP की मांगों से संबंधित एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया। दास का दावा है कि नड्डा ने इन मांगों पर आंतरिक स्तर पर चर्चा का आश्वासन दिया। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर लगाए गंभीर आरोप
CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई लोग घायल हुए। संगठन के प्रवक्ता ने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट हुई और कई लोगों के सिर में चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस की ओर से इन दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
प्रकाश राज भी पहुंचे प्रदर्शन स्थल, विपक्ष ने उठाए सवाल
प्रदर्शन के समर्थन में अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज भी जंतर-मंतर पहुंचे। इस बीच कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन से निपटने के तरीके पर सरकार को जवाब देना चाहिए। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए।
संसद परिसर में सुरक्षा बढ़ी, हालात पर प्रशासन की नजर
प्रदर्शन के मद्देनजर संसद भवन और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) तैनात किए गए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। दूसरी ओर, आंदोलन को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी पक्ष के बीच संवाद की संभावनाओं पर भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में वार्ता और प्रशासनिक फैसलों के आधार पर आंदोलन की दिशा तय हो सकती है।