भरतपुर ओपन जेल से 190 किमी दूर जयपुर पहुंचे कैदी, बर्थडे पार्टी में विवाद के बाद युवक की हत्या
राजस्थान की ओपन जेल व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। भरतपुर ओपन जेल में सजा काट रहे दो कैदी कथित तौर पर जेल की अनिवार्य हाजिरी से अनुपस्थित रहकर करीब 190 किलोमीटर दूर जयपुर के एक नाइट क्लब में जन्मदिन मनाने पहुंचे। पार्टी के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में दोनों कैदियों समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
बर्थडे पार्टी में शुरू हुआ विवाद, युवक की गई जान
पुलिस के अनुसार यह घटना जयपुर के मानसरोवर स्थित एक नाइट क्लब में सोमवार तड़के हुई। यहां सजायाफ्ता कैदी कुलदीप उर्फ कल्लू गुर्जर का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पार्टी में मौजूद लोगों के बीच एक युवती को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान एक युवक द्वारा युवती को थप्पड़ मारने के बाद माहौल बिगड़ गया और मारपीट शुरू हो गई। झगड़ा इतना बढ़ा कि युवक को गंभीर चोटें आईं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
ओपन जेल से बिना अनुमति जयपुर पहुंचने का आरोप
जांच में सामने आया कि कुलदीप गुर्जर और एक अन्य कैदी राजेश गुर्जर भरतपुर ओपन जेल से निर्धारित नियमों का पालन किए बिना जयपुर पहुंचे थे। दोनों रविवार शाम की अनिवार्य हाजिरी में भी शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद समय पर उनकी अनुपस्थिति का पता नहीं चल सका। घटना के बाद पुलिस ने दोनों कैदियों सहित कुल आठ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। अब यह भी जांच की जा रही है कि वे ओपन जेल से बाहर कैसे पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई।
आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शामिल कुलदीप गुर्जर पहले से हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वहीं इस मामले का एक अन्य आरोपी अनुज गुर्जर भी पहले दर्ज गंभीर आपराधिक प्रकरण में जमानत पर बाहर था। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका, घटना की पूरी श्रृंखला और हत्या के पीछे की परिस्थितियों की विस्तार से जांच की जा रही है। क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं।
ओपन जेल व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद राजस्थान की ओपन जेल प्रणाली की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने भरतपुर जेल प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कैदी किस प्रक्रिया के तहत बाहर निकले या नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ। अधिकारियों का कहना है कि यदि जेल प्रबंधन की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।