भरतपुर में पुराने सिक्के-नोट के नाम पर साइबर ठगी, 9 आरोपी गिरफ्तार
भरतपुर के डीग जिले में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन काउंटडाउन के तहत पुलिस ने पुराने सिक्के और नोट बेचने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 3 विधि से संघर्षरत बालकों को भी निरुद्ध किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 14 सिम कार्ड और 3 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल होने वाली एक क्रेटा और एक स्विफ्ट कार भी जब्त की है।
फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर बनाते थे शिकार
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें पुराने सिक्के और नोट बेचने के नाम पर अधिक कीमत मिलने का लालच दिया जाता था। आरोपी लोगों को बताते थे कि उनके पास मौजूद पुराने सिक्के या नोट बाजार में काफी ज्यादा कीमत पर बिक सकते हैं।लालच में आने के बाद आरोपियों की ओर से अलग-अलग तरह के शुल्क मांगे जाते थे। रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और अन्य फीस के नाम पर पीड़ितों से पैसे लिए जाते थे। इसके लिए फर्जी बैंक खातों, UPI ID और QR कोड का इस्तेमाल किया जाता था।
पुराने नोट-सिक्कों की कीमत का देते थे लालच
गिरोह कथित तौर पर पुराने सिक्कों और नोटों को लेकर लोगों में मौजूद रुचि का फायदा उठाता था। सोशल मीडिया के जरिए ऐसे लोगों की तलाश की जाती थी, जो पुराने करेंसी नोट या सिक्के बेचने में रुचि रखते हों।इसके बाद उन्हें बड़ी रकम मिलने का झांसा दिया जाता था। जब पीड़ित गिरोह के संपर्क में आ जाता, तो अलग-अलग बहाने बनाकर ऑनलाइन भुगतान करवाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया।
आपत्तिजनक वीडियो बनाकर भी करते थे ब्लैकमेल
पुलिस के अनुसार गिरोह साइबर ठगी के लिए एक अन्य तरीका भी अपनाता था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क करते और वीडियो कॉल करते थे। बातचीत के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो या स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी।इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे। बदनामी के डर का दबाव बनाकर पीड़ित से रकम ऐंठने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब इस एंगल से भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
15 मोबाइल और 14 सिम समेत सामान जब्त
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 15 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा 14 सिम कार्ड और 3 एटीएम कार्ड भी मिले हैं। पुलिस इन सभी इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग साधनों की जांच कर रही है।जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था। साथ ही पुलिस आरोपियों के डिजिटल संपर्कों और संभावित पीड़ितों की जानकारी भी जुटा रही है।
क्रेटा और स्विफ्ट कार भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा और एक स्विफ्ट कार भी जब्त की है। इन वाहनों के इस्तेमाल और आरोपियों की गतिविधियों के संबंध में भी जांच की जा रही है।पुलिस का फोकस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने पर है। इसके अलावा ठगी से हासिल रकम के लेनदेन और संभावित बैंक खातों की भी जांच की जा सकती है।
9 आरोपी गिरफ्तार, 3 नाबालिग निरुद्ध
पुलिस ने कार्रवाई में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुनफेद, तौफिक, अब्बास, शाहिद, राशिद, निसार, आकिल, फरहान और जैद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी डीग जिले के गोपालगढ़ थाना क्षेत्र के पाली और आरदुका गांवों के रहने वाले हैं।इसके अलावा 3 विधि से संघर्षरत बालकों को नियमानुसार निरुद्ध किया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
ऑपरेशन काउंटडाउन के तहत कार्रवाई जारी
डीग पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ ऑपरेशन काउंटडाउन के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक खातों और वाहनों के जरिए साइबर अपराध के नेटवर्क की जांच कर रही है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान प्रोफाइल से संपर्क करते समय सावधानी बरतें। पुराने सिक्के या नोट खरीदने के नाम पर किसी तरह की फीस मांगने पर सतर्क रहें। अनजान व्यक्ति को UPI, QR कोड या बैंक खाते के जरिए रकम भेजने से पहले पूरी जानकारी जांच लें।