अलवर के विजय डाटा को ‘ग्लोबाइल इंडिया लीजेंड-26’ अवॉर्ड, सरसों उद्योग में योगदान के लिए मिला सम्मान
अलवर। राजस्थान के अलवर के लिए एक और गौरव का क्षण सामने आया है। विजय सॉल्वेक्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विजय डाटा को मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘ग्लोबाइल इंडिया लीजेंड-26’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सरसों तेल उद्योग में उनके योगदान और उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।सम्मान समारोह में देश-विदेश से खाद्य तेल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि, कारोबारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस उपलब्धि के बाद अलवर के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी विजय डाटा के योगदान की चर्चा हो रही है। खासतौर पर सरसों की खेती और घरेलू खाद्य तेल उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया।
50 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सम्मान
मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से किया गया। सम्मेलन में करीब 50 देशों से खाद्य तेल उद्योग से जुड़े लगभग 1700 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम में खाद्य तेल कारोबार से जुड़े कई प्रमुख उद्योगपति, विशेषज्ञ और कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पुरस्कार समारोह में अभिनेता सोनू सूद समेत उद्योग जगत की कई चर्चित हस्तियां भी शामिल हुईं। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर विजय डाटा को मिला सम्मान अलवर के लिए भी खास उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
सरसों तेल उद्योग में लंबे समय से सक्रिय
विजय डाटा का काम मुख्य रूप से सरसों और खाद्य तेल उद्योग से जुड़ा रहा है। विजय सॉल्वेक्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाई है।सरसों राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में किसानों की प्रमुख तिलहन फसल है। ऐसे में सरसों की खेती, उत्पादन और उससे जुड़े उद्योग को बढ़ावा देने की कोशिशों का सीधा संबंध किसानों और खाद्य तेल क्षेत्र से जुड़ा है। इसी क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए विजय डाटा को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिया गया।
मस्टर्ड प्रमोशन काउंसिल के भी चेयरपर्सन
विजय डाटा मस्टर्ड प्रमोशन काउंसिल के चेयरपर्सन भी हैं। उनके अनुसार, काउंसिल की ओर से अब तक करीब 3 हजार सरसों फार्म विकसित किए जा चुके हैं।इन फार्मों के जरिए सरसों की खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित करने पर काम किया जा रहा है। काउंसिल का फोकस सरसों उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को इससे मिलने वाले आर्थिक लाभ को मजबूत करने पर भी है।
खाद्य तेल आयात कम करने पर जोर
अवार्ड मिलने के बाद विजय डाटा ने देश में सरसों की खेती का रकबा बढ़ाने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि घरेलू स्तर पर तिलहन उत्पादन बढ़ने से खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है।भारत में खाद्य तेल की मांग काफी अधिक है और घरेलू उत्पादन तथा आयात के बीच संतुलन लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में सरसों जैसी तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाना इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विजय डाटा ने इसी दिशा में किसानों और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया।
किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर
विजय डाटा के अनुसार, सरसों की खेती को बढ़ावा देने का फायदा केवल खाद्य तेल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इससे बड़ी संख्या में किसानों को भी आर्थिक लाभ मिल सकता है।उनका मानना है कि यदि किसानों को बेहतर उत्पादन, तकनीक और बाजार की सुविधाएं मिलें, तो सरसों की खेती को और विस्तार दिया जा सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ देश के खाद्य तेल क्षेत्र को भी घरेलू उत्पादन का आधार मिल सकता है।
अलवर के लिए भी गौरव की बात
सम्मान मिलने के बाद विजय डाटा ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ अलवर के लिए भी गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलवर का प्रतिनिधित्व होना अपने आप में महत्वपूर्ण है।उन्होंने सरसों उत्पादन को बढ़ावा देने और खाद्य तेल के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम करने की बात कही। उनके मुताबिक, किसानों की भागीदारी और घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
उद्योग और कृषि के बीच जुड़ाव की मिसाल
विजय डाटा को मिला यह सम्मान उद्योग और कृषि के बीच जुड़ाव की चर्चा को भी सामने लाता है। खाद्य तेल उद्योग के लिए सरसों की उपलब्धता सीधे किसानों से जुड़ी है। वहीं किसानों के लिए बेहतर बाजार और प्रसंस्करण सुविधाएं उत्पादन को प्रोत्साहित कर सकती हैं।ऐसे में सरसों उत्पादन बढ़ाने की पहल का असर कृषि से लेकर खाद्य तेल उद्योग तक दिखाई दे सकता है। ‘ग्लोबाइल इंडिया लीजेंड-26’ सम्मान के बाद विजय डाटा के इन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहचान मिली है।