जंतर-मंतर पहुंचे विजेता दहिया, बोले- कोई प्रदर्शन नहीं चाहता, लेकिन वोट के अधिकार का मामला है
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। CJP के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति प्रदर्शन करने के लिए घर से नहीं निकलना चाहता, लेकिन जब उसे लगता है कि उसके अधिकारों से जुड़ा सवाल है, तो आवाज उठानी पड़ती है। दहिया ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को देश में कहीं भी शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार होना चाहिए।
विजेता दहिया ने कहा- मजबूरी में प्रदर्शन करना पड़ता है
जंतर-मंतर पहुंचे विजेता दहिया ने कहा कि आम लोग अपना काम करना चाहते हैं और प्रदर्शन करना किसी की पहली पसंद नहीं होती। उनके मुताबिक, जब व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं और लोगों को लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तब उन्हें प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ता है।दहिया ने कहा कि यदि गलतियों के कारण लोगों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है, तो उन्हें प्रदर्शन की अनुमति भी मिलनी चाहिए। उन्होंने इसे वोट देने के अधिकार से जुड़ा मामला बताया और कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए AISA समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। रिपोर्टों के अनुसार AAP नेता सौरभ भारद्वाज और आतिशी समेत सैकड़ों लोगों को भी हिरासत में लिया गया।प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और आवाजाही को नियंत्रित किया। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए।
मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किया गया। इनमें राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और पटेल चौक समेत नई दिल्ली क्षेत्र के कई प्रमुख स्टेशन शामिल रहे।इससे कुछ समय के लिए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रभावित इलाकों में यातायात को भी नियंत्रित किया गया। प्रशासन की ओर से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
मुंबई में भी CJP ने प्रदर्शन का ऐलान किया
इसी मुद्दे को लेकर CJP ने मुंबई के शिवाजी पार्क में भी प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था। प्रदर्शन के मद्देनजर दादर और शिवाजी पार्क इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।शिवाजी पार्क की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भीड़, यातायात और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की गई। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने अपने इलाके में प्रदर्शन आयोजित किए जाने पर आपत्ति भी जताई।
CJP ने समर्थकों से मुंबई पहुंचने की अपील की
CJP की ओर से समर्थकों से मुंबई के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मतदाता सूची और वोट के अधिकार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि संगठन उन मतदाताओं के अधिकारों की बात कर रहा है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से अंतिम तथ्यात्मक स्थिति और संबंधित प्रक्रिया को अलग-अलग आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर देखा जाना जरूरी है।
अभिजीत दिपके ने दिल्ली का उदाहरण देकर सवाल उठाया
CJP नेता अभिजीत दिपके ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर सवाल उठाया। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उदाहरण दिया।दिपके का सवाल था कि यदि प्रदर्शन के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी अनुमति रोकने का आधार है, तो दिल्ली में मेट्रो प्रवेश-निकास बंद किए जाने को कैसे देखा जाना चाहिए। यह उनका राजनीतिक तर्क है। दिल्ली और मुंबई की स्थानीय परिस्थितियां, सुरक्षा आकलन और प्रशासनिक फैसले अलग-अलग हो सकते हैं।
फडणवीस ने CJP के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर फैलाए जा रहे फेक नैरेटिव को कामयाबी नहीं मिलेगी। उनका बयान CJP के आरोपों और प्रदर्शन की राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच आया।फिलहाल दिल्ली और मुंबई दोनों जगह प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। प्रदर्शन आयोजकों की मांगों, पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक फैसलों को लेकर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।