बारां कलेक्ट्रेट को फिर मिली बम की धमकी, तीसरी बार आया ई-मेल; परिसर खाली कर जांच शुरू
राजस्थान के बारां जिला कलेक्ट्रेट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर आ गए। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को तत्काल खाली कराया गया और डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता तथा साइबर टीम को जांच में लगाया गया। फिलहाल तलाशी के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
धमकी मिलते ही लागू किया गया सुरक्षा प्रोटोकॉल
धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन ने बिना देर किए सुरक्षा मानकों के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कोटा से पहुंचे डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर जांच जारी रखी गई।
2026 में तीसरी बार मिली धमकी
बारां जिला कलेक्ट्रेट को वर्ष 2026 में यह तीसरा धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ है। इससे पहले 4 अप्रैल और 6 मई को भी इसी तरह के ई-मेल मिले थे। मई में आए संदेश में मानव बम के जरिए हमले का दावा किया गया था और कुछ भ्रामक बातें भी लिखी गई थीं। उन दोनों मामलों में भी प्रशासन ने परिसर खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी।
2025 में भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बारां कलेक्ट्रेट को धमकी भरे ई-मेल मिलने की घटनाएं नई नहीं हैं। वर्ष 2025 में भी दो बार इस तरह के ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी थी। पहली घटना मई 2025 में सामने आई थी, जबकि दूसरी बार दिसंबर 2025 में धमकी मिलने से कई घंटों तक सरकारी कामकाज प्रभावित रहा। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन किसी प्रकार का विस्फोटक नहीं मिला था।
साइबर टीम जुटी, पुलिस कर रही जांच
लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है और मामले की हर दिशा से पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।