राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर भड़के प्रमोद तिवारी, बोले- पहले कांग्रेस से बात करनी चाहिए थी
शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने वांगचुक की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी बड़े आंदोलन की शुरुआत से पहले कांग्रेस से संवाद करना चाहिए था। हालांकि उन्होंने आंदोलन के उद्देश्य का समर्थन भी जताया।
सोनम वांगचुक के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
राहुल गांधी को लेकर उठे सवालों पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्र-युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है और राहुल गांधी ने भी कई बार संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरा है। तिवारी का कहना था कि किसी भी बड़े जनआंदोलन को व्यापक राजनीतिक समर्थन दिलाने के लिए पहले संवाद और समन्वय जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू करने से पहले कांग्रेस से चर्चा की जाती तो बेहतर रणनीति बनाई जा सकती थी।
आंदोलन के उद्देश्य का किया समर्थन
प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस आंदोलन के मूल उद्देश्य के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हैं और उन पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में केवल भूख हड़ताल जैसे कदमों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे। इसके बजाय लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन खड़ा करना अधिक प्रभावी होगा।
‘राहुल गांधी पहले भी उठा चुके हैं ऐसे मुद्दे’
कांग्रेस नेता ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मामलों पर राहुल गांधी पहले भी लगातार सरकार से सवाल पूछते रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी राहुल गांधी ने संसद और सार्वजनिक मंचों पर प्रमुखता से उठाया था। ऐसे में यह कहना उचित नहीं होगा कि कांग्रेस या राहुल गांधी इन विषयों पर सक्रिय नहीं रहे।
कांग्रेस से सलाह लेने की दी नसीहत
प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि सोनम वांगचुक कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से पहले विचार-विमर्श करते तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है और ऐसे राष्ट्रीय मुद्दों पर सामूहिक रणनीति बनाना ज्यादा प्रभावी रहता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि कांग्रेस नैतिक रूप से आंदोलन के उद्देश्य का समर्थन करती है।
क्या कहा था सोनम वांगचुक ने?
हाल ही में सोनम वांगचुक ने कहा था कि छात्र-युवाओं के मुद्दों पर विपक्षी दलों को खुलकर समर्थन देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष ऐसे आंदोलनों से दूरी बनाए रखता है तो जनता इसे सकारात्मक नजरिए से नहीं देखेगी। राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए गए उनके सवाल के बाद कांग्रेस की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है।