अवैध प्रवासियों पर भारत-बांग्लादेश में बढ़ा तनाव, ढाका बोला- कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी को नहीं लेंगे
भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा है कि उनका देश तय कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी भी व्यक्ति को सीमा पार कर प्रवेश नहीं करने देगा। वहीं भारत का कहना है कि उसने बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान से जुड़ी सूची पहले ही ढाका को सौंप दी है और सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया है।
बांग्लादेश के गृह मंत्री का बयान
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सीमा पर किसी भी व्यक्ति को कथित तौर पर “पुश-इन” के जरिए देश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने स्थानीय लोगों के सहयोग से ऐसी कई कोशिशों को रोका है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बांग्लादेश का नागरिक है तो उसकी वापसी केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगी।
भारत ने नागरिकों की सूची सौंपने की कही बात
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, भारत ने बांग्लादेश को 2,680 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की सूची नागरिकता सत्यापन के लिए सौंपी है। मंत्रालय का कहना है कि कई मामलों में सत्यापन प्रक्रिया वर्षों से लंबित है। भारत ने ढाका से अनुरोध किया है कि वह जल्द पहचान की पुष्टि करे ताकि द्विपक्षीय समझौतों के अनुरूप प्रत्यावर्तन (Repatriation) की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
दोनों देशों के अलग-अलग दावे
बांग्लादेश का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को बिना औपचारिक सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं भारत का कहना है कि देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ भारतीय कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। दोनों देशों ने अपने-अपने आधिकारिक रुख सार्वजनिक किए हैं और इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे किए हैं।
म्यांमार सीमा पर भी सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
बांग्लादेश के गृह मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार म्यांमार से लगती सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने की योजना पर विचार कर रही है। उनके अनुसार यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील है, जहां समय-समय पर सशस्त्र समूहों और सीमा पार गतिविधियों की चुनौती बनी रहती है।
सत्यापन प्रक्रिया पर टिकी आगे की कार्रवाई
भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवासियों का मुद्दा लंबे समय से द्विपक्षीय वार्ताओं का हिस्सा रहा है। अब दोनों देशों की ओर से नागरिकता सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का समाधान दोनों देशों के बीच समन्वय और स्थापित कूटनीतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से ही संभव होगा।