फर्जी दस्तावेजों से नाबालिग को ले जाने की कोशिश नाकाम, महिला गिरफ्तार
भरतपुर में नारी निकेतन में रह रही एक नाबालिग को अपनी बेटी बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने साथ ले जाने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाल कल्याण समिति और पुलिस की सतर्कता से पूरा मामला उजागर हुआ। जांच में मानव तस्करी, देह व्यापार और कथित लुटेरी दुल्हन गिरोह से जुड़े गंभीर संकेत मिले हैं। पुलिस ने झारखंड निवासी एक महिला को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
नाबालिग को बेटी बताकर नारी निकेतन पहुंची महिला
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला भरतपुर स्थित नारी निकेतन पहुंची और वहां रह रही एक नाबालिग को अपनी बेटी बताते हुए उसे अपने साथ ले जाने की मांग करने लगी। महिला ने अपने दावे के समर्थन में आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। हालांकि दस्तावेजों की जांच के दौरान बाल कल्याण समिति को कई तथ्यों पर संदेह हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया, जिसमें कई विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद पूरा मामला पुलिस तक पहुंचा और विस्तृत जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया फर्जी पहचान का खेल
बाल संरक्षण इकाई और बाल अधिकारिता विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जिस लड़की को महिला अपनी बेटी बता रही थी, वह वास्तव में कोई दूसरी बच्ची थी, जो अपने असली माता-पिता के साथ रह रही थी। प्रस्तुत किए गए दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए। पुलिस को आशंका है कि नाबालिग को गलत पहचान देकर उसे अपने कब्जे में लेने की साजिश रची गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी।
नाबालिग की कहानी ने खोले कई राज
जांच के दौरान नाबालिग ने जो जानकारी दी, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। उसके अनुसार वह उत्तर प्रदेश से घर छोड़कर दिल्ली पहुंची थी, जहां एक व्यक्ति उसे अपने साथ ले गया। बाद में उसे जम्मू भेज दिया गया, जहां उससे घरेलू काम कराने के साथ कथित रूप से देह व्यापार भी कराया गया। किसी तरह वहां से निकलकर वह फिर दिल्ली पहुंची। इसके बाद उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने उसे मथुरा ले जाकर अपने कब्जे में रखा। नाबालिग ने आरोप लगाया कि उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया गया और उसे बंद कमरे में रखा गया।
पहचान बदलकर कराई गई शादी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बाद में कुछ महिलाओं के माध्यम से नाबालिग को राजस्थान लाया गया। भरतपुर के खेड़ली मोड़ क्षेत्र में उसकी पहचान बदल दी गई और उसे नया नाम दिया गया। इसके बाद कथित रूप से एक युवक से उसकी शादी कराई गई। जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क ऐसे मामलों में युवतियों को फंसाकर शादी करवाने और फिर आर्थिक लाभ कमाने का काम करता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला कथित लुटेरी दुल्हन गिरोह से जुड़ा हुआ तो नहीं है।
मानव तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
सेवर थाना पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला चिंता देवी से पूछताछ जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितनी लड़कियों को इस तरह के जाल में फंसाया गया है। मामले में मानव तस्करी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, नाबालिग के शोषण और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां विभिन्न राज्यों में फैले संभावित नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।