CJP Protest: केजरीवाल की केंद्र से अपील, बोले- ‘युवाओं की आवाज सुनिए, लाठीचार्ज नहीं कीजिए’
दिल्ली में CJP के ‘संसद मार्च’ के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांगों पर संवाद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत AAP के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी।
केजरीवाल बोले- ‘युवाओं की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी’
CJP के प्रदर्शन के बीच अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी वीडियो संदेश में केंद्र सरकार से अपील की कि वह छात्रों और युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुने। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अपनी समस्याओं को लेकर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी बात सुनी जानी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि सरकार को टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
‘लाठीचार्ज नहीं, बातचीत हो’
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोका गया और उनके खिलाफ सख्ती बरती गई। उन्होंने कहा कि सरकार को बल प्रयोग करने के बजाय युवाओं के साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “ये हमारे देश के बच्चे हैं, जो अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे हैं। सरकार को उनका पक्ष सुनना चाहिए, न कि उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।”
भगवंत मान ने भी केंद्र से की अपील
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को महत्व दिया जाना चाहिए और युवाओं के सवालों का समाधान संवाद के जरिए निकाला जाना चाहिए।
AAP के कई नेता प्रदर्शन में पहुंचे
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी जंतर-मंतर पहुंचे। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताया। नेताओं ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब और ठोस कदम उठाने की मांग की।
मनीष सिसोदिया ने विपक्षी दलों से किया था मार्च में शामिल होने का आग्रह
प्रदर्शन से पहले मनीष सिसोदिया ने विभिन्न राजनीतिक दलों से जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन करने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है।
संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
सोमवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। इसी घटनाक्रम के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया और विपक्षी दलों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।