हेम सिंह भड़ाना के बिना पहला पंचायतीराज चुनाव, राजगढ़-थानागाजी में दावेदारों की बढ़ी हलचल
अलवर में पंचायतीराज चुनाव 2026 इस बार पूर्व मंत्री हेम सिंह भड़ाना की गैरमौजूदगी में होंगे। करीब 25 साल तक थानागाजी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे भड़ाना के निधन के बाद यह पहला पंचायतीराज चुनाव है। इस बार राजगढ़ और थानागाजी क्षेत्र में राजनीतिक मुकाबला खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिला प्रमुख की सीट एसटी महिला के लिए आरक्षित है। वहीं राजगढ़ में प्रधान पद एसटी ओपन और थानागाजी में एसटी महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में मीणा समाज के नेताओं और राजनीतिक परिवारों में जिला प्रमुख और प्रधान पद को लेकर तैयारियां तेज होने की चर्चा है।
हेम सिंह भड़ाना के बिना पहली बार पंचायतीराज चुनाव
पूर्व मंत्री और थानागाजी से दो बार विधायक रहे हेम सिंह भड़ाना की गैरमौजूदगी में पहली बार यहां पंचायतीराज चुनाव होने जा रहे हैं। भड़ाना करीब 25 साल तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे।उनके निधन के बाद अब थानागाजी की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं। हालिया निकाय चुनाव में भी उनके बिना राजनीतिक मुकाबला देखने को मिला। अब पंचायतीराज चुनाव में टिकट वितरण और प्रत्याशी चयन पर सभी की नजर रहेगी।
जिला प्रमुख की सीट एसटी महिला के लिए आरक्षित
इस बार अलवर जिला प्रमुख का पद एसटी महिला के लिए आरक्षित है। इसके चलते अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला जिला परिषद सदस्यों के बीच दावेदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।राजगढ़ और थानागाजी क्षेत्र एसटी बाहुल्य माने जाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों से जिला परिषद सदस्य चुनकर आने वाली महिला नेताओं के लिए जिला प्रमुख पद की दावेदारी का रास्ता खुल सकता है।
राजगढ़ और थानागाजी में प्रधान पद का भी बदला समीकरण
जिला प्रमुख के साथ राजगढ़ और थानागाजी के प्रधान पदों का आरक्षण भी इस बार महत्वपूर्ण है। राजगढ़ में प्रधान पद एसटी ओपन है, जबकि थानागाजी में यह पद एसटी महिला के लिए आरक्षित है।इस आरक्षण के चलते दोनों क्षेत्रों में एसटी वर्ग के नेताओं की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। स्थानीय राजनीतिक परिवार भी पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनावों के जरिए अपना प्रभाव मजबूत करने की तैयारी कर सकते हैं।
विधायक की पुत्रवधू नेहा मीणा के नाम की चर्चा
थानागाजी विधायक कांति प्रसाद मीणा की पुत्रवधू नेहा मीणा के जिला परिषद वार्ड 13 से चुनाव लड़ने की चर्चा है।यदि वह चुनाव मैदान में उतरती हैं और जीत हासिल करती हैं, तो राजनीतिक हलकों में उन्हें जिला प्रमुख पद के संभावित दावेदार के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी और टिकट को लेकर अंतिम फैसला संबंधित राजनीतिक दल और परिवार स्तर पर होना बाकी है।
IRS अधिकारी के बेटे अभिषेक मीणा भी चर्चा में
थानागाजी क्षेत्र में रिटायर्ड IRS अधिकारी सीआर मीणा के बेटे अभिषेक मीणा के नाम की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि वह जिला परिषद के वार्ड 13 से चुनाव लड़ने की तैयारी कर सकते हैं।सीआर मीणा पहले थानागाजी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट मांग चुके हैं। ऐसे में अभिषेक मीणा की संभावित एंट्री को क्षेत्र की राजनीति में नए चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है।
राजगढ़-रैणी में आरक्षण से बढ़ी दावेदारी
राजगढ़ क्षेत्र के रैणी में जिला परिषद के चार वार्ड हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें तीन वार्ड एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।इस आरक्षण के कारण रैणी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य बनने वाले नेताओं की जिला प्रमुख पद को लेकर दावेदारी महत्वपूर्ण हो सकती है। यही वजह है कि राजनीतिक दल यहां प्रत्याशी चयन को लेकर स्थानीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दे सकते हैं।
बन्नाराम मीणा की पत्नी का नाम भी चर्चा में
राजगढ़ क्षेत्र में भाजपा से जुड़े रहे और सरस डेयरी के पूर्व चेयरमैन बन्नाराम मीणा की पत्नी संजू बालोत के जिला परिषद चुनाव लड़ने की चर्चा है।यदि वह चुनाव मैदान में उतरती हैं और जीतती हैं, तो जिला प्रमुख पद के लिए उनकी दावेदारी की चर्चा आगे बढ़ सकती है। वहीं राजगढ़ में एसटी ओपन प्रधान पद होने के कारण मीणा समाज के अन्य नेताओं के लिए भी राजनीतिक अवसर खुला है।
पूर्व विधायक जौहरी लाल मीणा की भी नजर
राजगढ़ में कांग्रेस के पूर्व विधायक जौहरी लाल मीणा भी पंचायत चुनाव के जरिए अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। पिछली विधानसभा में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था।बाद में वह कांग्रेस में लौट आए। अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह अपने परिवार से बेटे या पुत्रवधू को पंचायत चुनाव के मैदान में उतार सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय और उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है।
विधायक के पूर्व ड्राइवर रामदयाल मीणा भी तैयारी में
थानागाजी विधायक कांति प्रसाद मीणा के पूर्व ड्राइवर रामदयाल मीणा के भी जिला परिषद चुनाव लड़ने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि वह वार्ड 11 से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।उनकी संभावित उम्मीदवारी से थानागाजी क्षेत्र में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। हालांकि, उनकी टिकट और अंतिम उम्मीदवारी पर संबंधित दल का फैसला महत्वपूर्ण रहेगा।
उप जिला प्रमुख ललिता मीणा की भी दावेदारी
वर्तमान उप जिला प्रमुख ललिता मीणा के भी वार्ड 13 से जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने की चर्चा है। उनके सामने जिला प्रमुख पद की दावेदारी का रास्ता भी खुल सकता है।राजनीति में सक्रियता और जिला परिषद के कामकाज का अनुभव उनके राजनीतिक प्रोफाइल का हिस्सा है। यदि वह चुनाव जीतती हैं तो एसटी महिला आरक्षण के बीच जिला प्रमुख पद के लिए उनका नाम भी चर्चा में आ सकता है।
कांग्रेस और भाजपा के लिए टिकट चयन चुनौती
राजगढ़ और थानागाजी में आरक्षण ने राजनीतिक दलों के सामने टिकट चयन को महत्वपूर्ण बना दिया है। जिला प्रमुख पद एसटी महिला के लिए आरक्षित होने के कारण महिला प्रत्याशियों के चयन पर विशेष ध्यान रहेगा।वहीं दोनों पंचायत समितियों में प्रधान पद के आरक्षण के कारण स्थानीय नेताओं की दावेदारी भी बढ़ी है। कांग्रेस और भाजपा के सामने स्थानीय जनाधार, संगठन और सामाजिक समीकरणों के बीच उम्मीदवार तय करने की चुनौती रहेगी।
चुनाव से पहले बन रहे नए राजनीतिक समीकरण
हेम सिंह भड़ाना की गैरमौजूदगी, बदला हुआ आरक्षण और नए दावेदारों की सक्रियता ने राजगढ़-थानागाजी की राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।विधायक परिवार से लेकर पूर्व जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक परिवारों और नए चेहरों तक कई नाम चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर टिकट वितरण और चुनाव परिणाम के बाद ही साफ होगी। फिलहाल जिला प्रमुख और दोनों प्रधान पदों के आरक्षण ने इन क्षेत्रों की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं।