घड़साना बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद, किसान आंदोलन को व्यापारियों का समर्थन
श्रीगंगानगर-अनूपगढ़ क्षेत्र के घड़साना में किसान आंदोलन को व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिला है। किसान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले व्यापार मंडल भवन में हुई बैठक में खाजूवाला, रावला और घड़साना के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में किसानों की मांगों और आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके बाद व्यापारियों ने घोषणा की कि जब तक किसानों की मांगों का समाधान नहीं होता, घड़साना बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगा। हालांकि मेडिकल सेवाओं और दूध की आपूर्ति को बंद से बाहर रखा गया है।
व्यापार मंडल भवन में हुई अहम बैठक
किसान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले मजदूरों और व्यापारियों की बैठक घड़साना के व्यापार मंडल भवन में आयोजित की गई।बैठक में खाजूवाला और रावला के व्यापारियों के साथ घड़साना व्यापार मंडल और संयुक्त व्यापार मंडल के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में किसानों की मांगों पर चर्चा की गई और आंदोलन को लेकर व्यापारिक संगठनों की भूमिका पर विचार किया गया।
किसानों की मांगें पूरी होने तक बाजार बंद
बैठक में व्यापारिक संगठनों ने संयुक्त रूप से बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। संगठनों ने कहा कि किसानों की मांगों का समाधान होने तक घड़साना बाजार बंद रहेगा।व्यापारियों और मजदूरों ने किसान आंदोलन के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि मांगों के समाधान तक वे आंदोलन का समर्थन जारी रखेंगे।
खाजूवाला और रावला के व्यापारियों ने भी दिया समर्थन
बैठक में केवल घड़साना के व्यापारी ही शामिल नहीं हुए। खाजूवाला और रावला के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी किसान आंदोलन को समर्थन देने का फैसला किया।इससे आंदोलन को क्षेत्र के व्यापारिक वर्ग का समर्थन मिलने का संदेश गया है। व्यापारियों के इस निर्णय के बाद आंदोलन का असर स्थानीय बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ने की संभावना है।
मेडिकल और दूध की सेवाएं रहेंगी जारी
बाजार बंद के बावजूद आम लोगों की जरूरी जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। बैठक में मेडिकल सेवाओं को बंद से बाहर रखने पर सहमति बनी।इसके अलावा दूध की आपूर्ति भी जारी रहेगी। यानी आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों को बाजार बंद के दायरे से अलग रखा गया है, ताकि आम लोगों को जरूरी वस्तुओं के लिए परेशानी न हो।
सिंचाई पानी को बताया क्षेत्र की प्रमुख समस्या
व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में सिंचाई पानी का मुद्दा महत्वपूर्ण है।उनका कहना था कि किसानों की मांगों के समाधान के लिए अलग-अलग वर्गों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। व्यापारियों ने किसान आंदोलन के साथ खड़े रहने की बात कही।
अब प्रशासन और सरकार के फैसले पर नजर
घड़साना बाजार को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने के फैसले के बाद अब प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर है।किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी है और व्यापारिक संगठनों के समर्थन से इसका स्थानीय प्रभाव बढ़ा है। अब देखना होगा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और बाजार बंद को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है।