उदयपुर 2 करोड़ रिश्वत कांड में नया खुलासा, बातचीत की रिकॉर्डिंग से सामने आई अहम बातें
उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े कथित घोटाले और दो करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एसीबी की जांच में दलाल सज्जन सिंह और परिवादी के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग अहम कड़ी मानी जा रही है।जांच एजेंसी अब बातचीत में सामने आए संदर्भों और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इसी बीच मामले में एक ASP के मोबाइल फोन की जांच भी अहम मानी जा रही है। मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों से जांच की दिशा को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।
बातचीत की रिकॉर्डिंग से अहम सुराग
एसीबी की जांच के दौरान सामने आई बातचीत की रिकॉर्डिंग में रिश्वत की रकम और उससे जुड़े लोगों को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर परिवादी और दलाल सज्जन सिंह के बीच बातचीत हुई थी।जांच एजेंसी अब इस बातचीत के संदर्भ और उसमें लिए गए नामों की पुष्टि करने में जुटी है। रिकॉर्डिंग में सामने आने वाली बातों को अन्य साक्ष्यों से मिलाकर देखा जा रहा है।
‘ऊपर तक रकम पहुंचाने’ के दावे की जांच
मामले में रिश्वत की रकम के कथित बंटवारे और उसके आगे पहुंचने से जुड़े दावों की भी जांच की जा रही है। बातचीत में रकम को लेकर सामने आए संदर्भों की सत्यता की पुष्टि करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।किस अधिकारी या व्यक्ति तक रकम पहुंचने का दावा किया गया है, इसकी अंतिम पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। फिलहाल सामने आई बातें जांच का हिस्सा हैं।
ASP के मोबाइल की जांच क्यों अहम?
मामले की जांच में ASP के मोबाइल फोन से मिलने वाला डिजिटल डेटा भी महत्वपूर्ण हो सकता है। फोन में कॉल रिकॉर्ड, संदेश या अन्य डिजिटल साक्ष्य मिलने की स्थिति में जांच एजेंसी उन्हें मामले से जुड़े अन्य तथ्यों से जोड़कर देख सकती है।हालांकि किसी मोबाइल से मिली जानकारी को मामले में निर्णायक साक्ष्य मानने से पहले उसकी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
272 भूखंडों से जुड़ा है मामला
पूरा मामला उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े कथित घोटाले से संबंधित बताया जा रहा है। इसी प्रकरण में बड़ी रकम की रिश्वत के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।एसीबी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रिश्वत की मांग किस उद्देश्य से की गई थी और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
जांच में आगे क्या होगा?
एसीबी रिकॉर्डिंग, मोबाइल डेटा और पैसों के लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके अलावा संबंधित लोगों के बीच संपर्क और बातचीत के रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिकॉर्डिंग में सामने आए दावों की पुष्टि कितने स्तर तक होती है। फिलहाल मामले में सामने आने वाले डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।