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अलवर के बाजारों में अतिक्रमण से अग्निकांड का खतरा, संकरी गलियों में कैसे पहुंचेगी दमकल?

दीपावली पर अलवर के बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ने लगी है। लेकिन मुख्य बाजार, चूड़ी मार्केट और गणेश मार्केट में दुकानों के बाहर सामान रखने से रास्ते लगातार संकरे हो रहे हैं। ऐसे में आगजनी या अन्य आपात स्थिति के दौरान दमकल और राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। चूड़ी मार्केट में पहले भी दीपावली की रात बड़ा अग्निकांड हो चुका है। इसके बावजूद अतिक्रमण की समस्या चिंता का विषय बनी हुई है। नगर निगम और अग्निशमन विभाग ने तैयारियों की जानकारी देते हुए व्यापारियों से सहयोग की अपील की है।

चूड़ी मार्केट और गणेश मार्केट में रास्ते हो रहे संकरे
फोटो: STV NEWS

मुख्य बातें

  • अलवर के बाजारों में अतिक्रमण की भरमार, आग लगी तो कैसे पहुंचेगी दमकल?
  • दीपावली की भीड़ के बीच अलवर के बाजारों में आग का खतरा
  • चूड़ी मार्केट में पहले हो चुका अग्निकांड, फिर भी नहीं सुधरे हालात

ALWAR, 03 NOV. 2026:

चूड़ी मार्केट और गणेश मार्केट में रास्ते हो रहे संकरे

दीपावली नजदीक आते ही अलवर के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है। इसके साथ ही दुकानों के बाहर सामान फैलाकर रखने की समस्या भी सामने आ रही है। मुख्य बाजार, चूड़ी मार्केट और गणेश मार्केट की कई गलियों में अतिक्रमण के कारण पैदल निकलना तक मुश्किल हो रहा है। बाजारों में बढ़ती भीड़ के बीच रास्तों का संकरा होना आपातकालीन स्थिति में गंभीर समस्या बन सकता है। खासकर आग लगने की स्थिति में दमकल की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचाने में बाधा आने की आशंका है।

चूड़ी मार्केट में पहले भी हो चुका है बड़ा अग्निकांड

CHUDI MARKET KA VYPAARI

चिंता की बात यह है कि चूड़ी मार्केट में कुछ साल पहले दीपावली की रात भीषण आग लग चुकी है। उस घटना में कई दुकानें जलकर राख हो गई थीं। पुराने हादसे के बावजूद बाजार में अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। त्योहार के दौरान दुकानों के बाहर सामान और अस्थायी स्टॉल लगने से रास्तों पर दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में पिछले हादसे से सबक लेकर बाजारों में रास्ते खुले रखना जरूरी है। प्रशासन और व्यापारियों की थोड़ी सी लापरवाही भी आपात स्थिति में राहत कार्य को प्रभावित कर सकती है।

महापौर बोलीं- शहर में छह दमकल गाड़ियां उपलब्ध

नगर निगम महापौर सुमनलता अग्रवाल ने बताया कि अलवर में निगम के पास छह दमकल गाड़ियां उपलब्ध हैं। दीपावली को देखते हुए हाल ही में मॉकड्रिल भी कराई गई है। संबंधित अधिकारियों को अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य बाजार में लगने वाली ठेली-पटरी की दुकानों से भीड़ कम करने के लिए नया हाट बाजार विकसित किया गया है। उनके अनुसार, ठेली-पटरी दुकानदारों को वहां शिफ्ट किया गया है, जिससे मुख्य बाजार में भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

व्यापारी ने दुकानों के सामने जगह खाली रखने की अपील की

व्यापारी अनिल मनोचा ने बाजारों में अतिक्रमण को व्यापारियों की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान के सामने दो से ढाई फीट तक जगह खाली रखनी चाहिए। इससे बाजार में लोगों की आवाजाही सुचारु रहेगी और आपात स्थिति में राहत कार्य में बाधा कम होगी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे दुकान का सामान सड़क या रास्ते पर न फैलाएं। बाजारों में सुरक्षित आवागमन बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक दुकानदार की भी जिम्मेदारी है।

छह दमकल गाड़ियां अलर्ट, बाजार में भी रहती है एक गाड़ी तैनात

फायर ब्रिगेड अधिकारी अमित मीणा ने बताया कि दीपावली को देखते हुए सभी छह दमकल गाड़ियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसके अलावा सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बाजार क्षेत्र में एक दमकल गाड़ी तैनात रहती है। उन्होंने व्यापारियों से अतिक्रमण नहीं करने और अग्निशमन व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। हालांकि, दमकल गाड़ियों की उपलब्धता के साथ बाजारों में उनके पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता होना भी जरूरी है। संकरी गलियों में अतिक्रमण राहत कार्य की गति को प्रभावित कर सकता है।

आतिशबाजी और शॉर्ट सर्किट से बढ़ सकता है खतरा

दीपावली के दौरान बाजारों में आतिशबाजी, बिजली की झालरों और विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। कई जगहों पर ओवरलोड कनेक्शन और खराब वायरिंग से शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में दुकानों के सामने रास्ते खुले रखना, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था बनाए रखना और अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखना जरूरी है। त्योहार के समय बाजारों में भीड़ अधिक रहती है, इसलिए छोटी घटना भी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है।

समय रहते अतिक्रमण हटाना जरूरी

दीपावली पर बाजारों की रौनक और कारोबार के साथ लोगों की सुरक्षा भी प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन को बाजारों में नियमित निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने और दमकल की आवाजाही के लिए रास्ते सुनिश्चित करने की जरूरत है। वहीं, व्यापारियों को भी दुकान के बाहर सामान नहीं फैलाना चाहिए। चूड़ी मार्केट में पहले हो चुका अग्निकांड इस बात की याद दिलाता है कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही भारी पड़ सकती है। समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि दीपावली खुशियों और रोशनी के साथ सुरक्षित तरीके से मनाई जा सके।

प्रशासन का पक्ष

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