अजमेर कुआं हादसा: अनाथ हुए 4 बच्चों की मदद को आगे आए विधायक, ₹50 हजार की आर्थिक सहायता दी
अजमेर जिले के टॉडगढ़ क्षेत्र में कुएं में डूबने से माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुए चार बच्चों के लिए मदद का सिलसिला शुरू हो गया है। ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए समाज से भी आगे आकर सहयोग करने की अपील की है।
विधायक ने बढ़ाया मदद का हाथ, परिवार को दी आर्थिक सहायता
अजमेर जिले के टॉडगढ़ उपखंड के सामादेवरी (कानाखेजड़ी) गांव में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार की सहायता के लिए जनप्रतिनिधि आगे आने लगे हैं। ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने टॉडगढ़ स्थित फौजी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मृत दंपती के बच्चों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सौंपी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद है और ऐसे कठिन समय में समाज का दायित्व है कि वह पीड़ित परिवार का संबल बने। विधायक ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
पत्नी को बचाने की कोशिश में पति ने भी गंवाई जान
कुछ दिन पहले सामादेवरी गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ था। जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय अनीता देवी घर के पास स्थित करीब 60 फीट गहरे कुएं से बकरियों के लिए पानी निकाल रही थीं। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह कुएं में गिर गईं। पत्नी को डूबता देख 42 वर्षीय अर्जुन सिंह बिना देर किए उन्हें बचाने के लिए कुएं में कूद पड़े, लेकिन अधिक गहराई और पानी होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके। इस हादसे में पति-पत्नी दोनों की मौत हो गई, जिससे पूरा गांव शोक में डूब गया।
चार बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
इस हादसे ने परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। मृत दंपती अपने पीछे तीन बेटियों और एक बेटे को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से एक साथ माता-पिता का साया उठ गया। परिवार पहले से ही आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का सामना कर रहा था। अब बच्चों के भविष्य को लेकर परिजन और ग्रामीण चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कठिन समय में समाज और प्रशासन को मिलकर बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आना चाहिए।
बेटी की शादी की तैयारियां मातम में बदलीं
परिवार में बड़ी बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं और घर में खुशियों का माहौल था। शादी की तारीख नजदीक थी, लेकिन अचानक हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। जिस घर में शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां मातम छा गया। गांव के लोगों ने बताया कि माता-पिता की असमय मौत ने न केवल बच्चों को अनाथ कर दिया, बल्कि परिवार के सामने भविष्य की कई बड़ी चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं।
पुलिस ने रेस्क्यू के बाद निकाले थे दोनों शव
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। कुएं में पानी अधिक होने के कारण पहले उसे खाली कराया गया। इसके बाद ग्रामीणों और राहत दल की मदद से पति-पत्नी के शव बाहर निकाले गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर मामले का रिकॉर्ड तैयार किया।
समाज से सहयोग की अपील, पहले ही की थी सहायता की घोषणा
हादसे के तुरंत बाद विधायक शंकर सिंह रावत ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वह तत्काल सहायता राशि नहीं दे सके थे। गुरुवार को उन्होंने अपनी घोषणा पूरी करते हुए परिवार को 50 हजार रुपये का सहयोग प्रदान किया। साथ ही उन्होंने समाज के सक्षम लोगों, सामाजिक संगठनों और भामाशाहों से अपील की कि वे आगे आकर इन चार बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में योगदान दें।