रिटायरमेंट से 21 दिन पहले RIICO के सीनियर DGM रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने 50 हजार के साथ दबोचा
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अजमेर में RIICO के रीजनल कार्यालय के सीनियर डीजीएम एवं यूनिट हेड अंजय विश्वकर्मा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने ब्यावर में औद्योगिक भूखंड का पट्टा जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
पट्टा जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत
एसीबी के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दी थी कि ब्यावर क्षेत्र में औद्योगिक भूखंड का पट्टा (लीज डीड) जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के बदले आरोपी अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने मामले की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की और रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई गई।
सत्यापन के बाद ACB ने बिछाया ट्रैप
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी की जयपुर टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने 50 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
रिटायरमेंट से पहले भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी
इस मामले का सबसे चर्चित पहलू यह है कि आरोपी अंजय विश्वकर्मा इसी महीने 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे। यानी रिटायरमेंट से महज 21 दिन पहले उन्हें रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद RIICO के क्षेत्रीय कार्यालय में हड़कंप मच गया। विभागीय स्तर पर भी मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ACB जुटी आगे की जांच में
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि आरोपी ने इससे पहले भी इसी तरह रिश्वत लेकर किसी कार्य को प्रभावित किया है या नहीं। साथ ही मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।