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जयपुर की पटाखा फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड, 3 श्रमिकों की मौत; कई घायल, जांच शुरू

जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में मंगलवार दोपहर भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग और लगातार हुए धमाकों की चपेट में आने से तीन श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग झुलस गए। प्रशासन, दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।

पटाखा फैक्ट्री में अचानक भड़की आग, मचा हड़कंप

खो नागोरियान इलाके में स्थित पटाखा फैक्ट्री में दोपहर के समय अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में ज्वलनशील सामग्री और बारूद होने के कारण आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते पूरे परिसर में धुआं और लपटें फैल गईं। आग लगने के साथ ही कई धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे और घटना की सूचना तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को दी गई।

धमाकों के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, एम्बुलेंस और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। लगातार हो रहे धमाकों और घने धुएं के कारण बचाव कार्य में शुरुआती कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। राहत टीमों ने फैक्ट्री के पिछले हिस्से से रास्ता बनाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। स्थानीय युवाओं ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। कई श्रमिकों को गंभीर हालत में बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

तीन श्रमिकों की मौत, कई घायल अस्पताल में भर्ती

इस हादसे में तीन श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आग की चपेट में आने से झुलसे पांच लोगों को गंभीर अवस्था में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम घायलों का उपचार कर रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार

आग इतनी भीषण थी कि उससे उठने वाला काला धुआं शहर के कई हिस्सों से देखा गया। आसपास के लोगों के अनुसार, धुएं का गुबार दो से तीन किलोमीटर दूर तक नजर आ रहा था। दमकल विभाग ने कई फायर टेंडरों और पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने का अभियान चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका और परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया।

हादसे के कारणों की जांच शुरू

प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट, बारूद के भंडारण में लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को संभावित कारण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा। साथ ही फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा इंतजामों और संचालन व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।

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