अलवर से जयपुर लाई जा रही 420 किलो संदिग्ध पनीर की खेप पकड़ी, 419 किलो मौके पर नष्ट
राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलवर से जयपुर लाई जा रही 420 किलोग्राम संदिग्ध गुणवत्ता की पनीर की खेप जब्त कर ली। जांच के लिए नमूने सुरक्षित किए गए, जबकि शेष पनीर खराब और दुर्गंधयुक्त मिलने पर मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। विभाग अब प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
420 किलो पनीर की खेप पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने अभियान के दौरान अलवर से जयपुर ले जाए जा रहे 420 किलोग्राम पनीर को रोककर उसकी जांच की। डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. सुरेंद्र गोयल ने बताया कि पनीर के नमूने विधिवत लेकर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
419 किलो पनीर खट्टा और बदबूदार मिला, मौके पर कराया नष्ट
जांच के दौरान नमूने लेने के बाद बचा हुआ लगभग 419 किलोग्राम पनीर खराब अवस्था में पाया गया। अधिकारियों के अनुसार पनीर से तेज दुर्गंध आ रही थी और वह उपभोग के योग्य नहीं था। आम लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए पूरी खेप को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। विभाग का कहना है कि किसी भी प्रकार के असुरक्षित खाद्य पदार्थ को बाजार तक पहुंचने नहीं दिया जाएगा और ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया सप्लाई नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह पनीर अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र से तैयार कर जयपुर की विभिन्न डेयरियों में सप्लाई किया जा रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पनीर निर्माण से पहले दूध से घी और मलाई निकाल ली जाती थी तथा शेष निम्न गुणवत्ता वाले दूध से पनीर तैयार किया जाता था। आरोप है कि इस पनीर को अपेक्षाकृत कम कीमत पर छोटी रिटेल डेयरियों में बेचा जाता था। विभाग अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रहा है।
मिलावटखोरों पर सख्ती जारी, रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के अभियान के तहत मिलावटी और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद थारवान, नंदकिशोर कुमावत और अवधेश गुप्ता सहित विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग ने आम नागरिकों से भी संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की है।