14 साल से नियुक्ति का इंतजार, 2012 भर्ती के चयनित सफाईकर्मियों का निगम में हंगामा
अलवर। सरकारी नौकरी के चयन के करीब 14 साल बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं मिलने से 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज और चयनित सफाई कर्मचारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। नियुक्ति पत्र मिलने की उम्मीद में मंगलवार को निगम पहुंचे कर्मचारियों को जब पत्र नहीं मिले तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने का प्रयास किया।
329 पदों पर हुई थी सफाई कर्मचारी भर्ती
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2012 में नगर निगम क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों के 329 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। प्रक्रिया के बाद चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन वर्षों गुजरने के बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिल सके। करीब 14 साल का लंबा इंतजार अब चयनित अभ्यर्थियों के लिए नाराजगी का कारण बन गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण पूरे किए और चयनित होने के बाद भी उन्हें नौकरी से जुड़ा अंतिम आदेश नहीं मिला। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को उन्होंने निगम प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।
नियुक्ति पत्र की उम्मीद में निगम पहुंचे थे अभ्यर्थी
चयनित अभ्यर्थियों के अनुसार, वे दो दिन पहले क्षेत्रीय विधायक एवं वन मंत्री संजय शर्मा से भी मिले थे। इस दौरान उन्हें जल्द नियुक्ति पत्र दिलाने का आश्वासन मिलने की बात कही गई। इसके बाद मंगलवार को चयनित कर्मचारी नगर निगम पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि निगम आयुक्त की ओर से नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। हालांकि, जब नियुक्ति पत्र नहीं मिले तो लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया। देखते ही देखते निगम परिसर में विरोध शुरू हो गया और कर्मचारी धरने पर बैठ गए।
नियुक्ति नहीं मिलने पर निगम में बढ़ा तनाव
नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने से नाराज चयनित अभ्यर्थियों ने निगम परिसर में जमकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर नारेबाजी की और तत्काल नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इतने वर्षों तक इंतजार करने के बाद भी यदि उन्हें नियुक्ति नहीं मिलती है तो यह उनके साथ अन्याय है। अभ्यर्थियों ने प्रशासन से भर्ती से संबंधित स्थिति स्पष्ट करने और नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की। धरने के चलते नगर निगम परिसर में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस जाब्ता पहुंचा, समझाइश का दौर जारी
नगर निगम परिसर में हंगामे और धरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों की ओर से अभ्यर्थियों की मांग और उनकी शिकायतों को सुना गया। प्रशासन की कोशिश रही कि बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य किया जाए और धरना समाप्त कराया जा सके। हालांकि, चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र जारी किए जाने की मांग पर अड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक निगम परिसर में अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी थी।
14 साल बाद भी इंतजार, अब आगे क्या?
2012 में चयनित होने के बाद करीब 14 वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों का मंगलवार का प्रदर्शन इस मामले की गंभीरता को सामने लाता है। चयनित कर्मचारियों की मांग है कि प्रशासन भर्ती से जुड़े सभी लंबित मामलों को स्पष्ट करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करे। फिलहाल धरना जारी है और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन चयनित अभ्यर्थियों की मांग पर क्या निर्णय लेता है और उन्हें नियुक्ति पत्र जारी करने को लेकर अगला कदम कब उठाया जाता है।