धर्मेंद्र-हेमा मालिनी: माता-पिता की दोस्ती और मजेदार पंजा लड़ाई के किस्से
बॉलीवुड के दिग्गज जोड़ी धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की प्रेम कहानी जितनी फिल्मी थी, उनके परिवारों की दोस्ती उतनी ही प्यारी और मजेदार थी। हेमा की बायोपिक में इस बात का खुलासा हुआ है कि धर्मेंद्र और हेमा के माता-पिता भी एक-दूसरे के बेहद करीब थे और उनकी मुलाकातें अक्सर हंसी-मजाक और दिलचस्प किस्सों से भरी रहती थीं।
🟠 धर्मेंद्र और हेमा के पापा की खास दोस्ती
हेमा की बायोग्राफी “हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल” में बताया गया है कि धर्मेंद्र के पिता केवल कृष्ण सिंह देओल और हेमा के पिता वी.एस. रामानुजम चक्रवर्ती के बीच गहरी दोस्ती थी।
- वे अक्सर एक-दूसरे के घर चाय पीने आते थे
- हाथ मिलाने की बजाय आर्म-रेसलिंग (पंजा लड़ाना) करते थे
- जीत के बाद मजाक में कहते, “तुम लोग घी-मक्खन-लस्सी खाया करो, इडली-सांभर से ताकत नहीं आती!”
दोनों हंसते-हंसते लोट-पोट हो जाते थे, ये दोस्ती सबके लिए मनोरंजन का कारण बन जाती थी।
🟠 हेमा की धर्मेंद्र की मां से पहली मुलाकात
बायोपिक में हेमा ने यह भी साझा किया कि जब वह बड़ी बेटी ईशा देओल से गर्भवती थीं, तब सतवंत कौर अचानक जुहू के डबिंग स्टूडियो में उनसे मिलने आईं।
- हेमा ने जैसे ही पैर छुए, मां ने उन्हें गले लगाया और कहा: “बेटा, हमेशा खुश रहो”
- इस मुलाकात ने हेमा को यह अहसास दिलाया कि परिवार उनसे खुश है और उनका स्वागत पूरे प्यार से किया गया
🟠 धर्मेंद्र-हेमा की फिल्मी मुलाकात और करियर
धर्मेंद्र और हेमा की पहली मुलाकात 1970 में फिल्म “तुम हसीन मैं जवान” के सेट पर हुई थी।
इसके बाद दोनों ने कई सुपरहिट फिल्में दीं:
- सीता और गीता
- शोले
- जुगनू
- ड्रीम गर्ल
शादी की अफवाहें थीं कि धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया था, लेकिन बाद में उन्होंने इन अफवाहों का खंडन किया। अंततः दोनों ने हेमा के कुल रीति-रिवाज और दक्षिण भारतीय इयंगर परंपरा के अनुसार शादी की।
🟠 परिवारों की दोस्ती ने बनाया रिश्ता और भी खास
धर्मेंद्र और हेमा की जिंदगी सिर्फ फिल्मी रोमांस तक सीमित नहीं रही।
- उनके माता-पिता की मजेदार मुलाकातें और पंजा लड़ाई की बातें उनके रिश्ते में गर्मजोशी और अपनापन जोड़ती थीं
- परिवार की दोस्ती और समर्थन ने इस जोड़ी की जिंदगी और भी खास बनाई