Rajasthan Panchayat Election: पटरी से उतरा चुनाव कार्यक्रम, आरक्षण लॉटरी पूरी; अब नई तारीखों का इंतजार
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ हो रही है। नगरीय निकाय चुनावों की व्यस्तता के कारण पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी में देरी हुई। पहले 17 और 18 सितंबर को लॉटरी प्रस्तावित थी, लेकिन इसे बदलकर 23 और 24 सितंबर किया गया। अब दोनों स्तरों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग ने अभी तक पंचायत चुनाव का अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया है। 23 सितंबर को चुनाव घोषणा की तारीख पहले हाईकोर्ट में पेश किए गए प्रस्तावित रोडमैप का हिस्सा थी। मौजूदा स्थिति में उस तारीख पर आधिकारिक चुनाव घोषणा नहीं हुई। अब आयोग को नई समय-सारणी जारी करनी है। पूरी चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करने की हाईकोर्ट की समय-सीमा बनी हुई है।
आरक्षण लॉटरी में क्यों हुई देरी?
पंचायती राज संस्थाओं की आरक्षण लॉटरी पहले 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित थी। लेकिन उस समय जिला कलेक्टर और एसडीओ नगरीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया में व्यस्त थे।नगरीय निकायों में पार्षदों के चुनाव के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की प्रक्रिया भी पूरी होनी थी। इसी कारण पंचायत आरक्षण लॉटरी को आगे बढ़ाया गया। विभाग ने बाद में 23 और 24 सितंबर की नई तारीख तय की।
23 सितंबर को जिला स्तर की लॉटरी पूरी
23 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए आरक्षण लॉटरी कराई गई।इस प्रक्रिया के जरिए अलग-अलग सीटों पर सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण की स्थिति तय की गई। जिला कलेक्टर स्तर पर यह प्रक्रिया पूरी की गई।
24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच की लॉटरी
इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी पूरी की गई।इससे 14,403 ग्राम पंचायतों और 1.30 लाख से अधिक वार्ड पंच पदों के आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट हुई। अब ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशियों के समीकरण भी तेजी से बदलने लगे हैं।
23 सितंबर की चुनाव घोषणा अब नहीं हुई
पहले राजस्थान सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश रोडमैप में 23 सितंबर को पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा प्रस्तावित थी। इसी आधार पर चुनाव की तैयारियों को लेकर संभावित तारीखें सामने आई थीं।लेकिन यह तारीख राज्य निर्वाचन आयोग की अंतिम अधिसूचना नहीं थी। 27 सितंबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार आयोग ने अभी पंचायत चुनाव का अंतिम कार्यक्रम अधिसूचित नहीं किया है। इसलिए 23 सितंबर को घोषणा होने की बात को अब पुराना प्रस्तावित शेड्यूल माना जाना चाहिए।
हाईकोर्ट में पेश किया गया था यह संभावित रोडमैप
जुलाई में हाईकोर्ट के सामने सरकार ने पंचायती राज चुनावों के लिए एक संभावित कार्यक्रम रखा था। इसमें 23 सितंबर को चुनाव घोषणा और 28 सितंबर को अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव था।इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में चरणबद्ध मतदान का रोडमैप रखा गया था। हालांकि यह कार्यक्रम आयोग की अंतिम अधिसूचना नहीं था। इसलिए आरक्षण लॉटरी में देरी के बाद इसमें बदलाव की संभावना पहले से बनी हुई थी।
प्रस्तावित कार्यक्रम में क्या था?
हाईकोर्ट के सामने रखे गए प्रस्तावित रोडमैप के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए चार चरणों में मतदान का सुझाव था।वहीं सरपंच और पंच के लिए भी चार चरण प्रस्तावित किए गए थे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना नवंबर में प्रस्तावित थी।प्रस्तावित कार्यक्रम में 14 नवंबर को जिला प्रमुख और प्रधान तथा 15 नवंबर को उप जिला प्रमुख और उप प्रधान के चुनाव का रोडमैप था। हालांकि इन तारीखों को अभी अंतिम चुनाव कार्यक्रम नहीं माना जा सकता।
15 नवंबर की समय-सीमा सबसे महत्वपूर्ण
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार पूरी चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी करने का रोडमैप अदालत के सामने रखा गया था।अब आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग के सामने सीमित समय में अधिसूचना, नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना जैसी प्रक्रियाएं पूरी करने की चुनौती है।
अब राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी नजर
आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग के सामने अगला कदम चुनाव कार्यक्रम जारी करना है।आयोग को पंचायती राज विभाग से आरक्षण संबंधी संकलित जानकारी मिलने के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। आयोग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चुनाव कार्यक्रम को लेकर तैयारियां चल रही हैं।
गांवों में चुनावी हलचल तेज
आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। जिन सीटों का आरक्षण बदल गया है, वहां नए दावेदार सामने आ सकते हैं।सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के लिए राजनीतिक दल भी स्थानीय स्तर पर समीकरण बनाने में जुटेंगे। हालांकि प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति चुनाव कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब कब आएगा पंचायत चुनाव का नया कार्यक्रम?
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव का नया कार्यक्रम कब जारी करेगा। 27 सितंबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार अंतिम आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है।इसलिए अक्टूबर में होने वाले मतदान की प्रस्तावित तारीखों को फिलहाल निश्चित नहीं माना जा सकता। आयोग की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही नामांकन, मतदान और मतगणना की तारीखों को अंतिम माना जाएगा।15 नवंबर की न्यायिक समय-सीमा को देखते हुए अब आने वाला चुनाव कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण होगा। आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद ग्रामीण राजस्थान की नजर अब राज्य निर्वाचन आयोग की अगली घोषणा पर है।