अलवर नगर निगम चुनाव: 65 वार्डों की आरक्षण लॉटरी, मेयर पद महिला के लिए आरक्षित
अलवर नगर निगम चुनाव को लेकर शहर की सियासत में हलचल तेज हो गई है। मिनी सचिवालय में जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला की मौजूदगी में नगर निगम के सभी 65 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही चुनावी दावेदारियों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सबसे अहम बात यह रही कि नगर निगम के महापौर पद को अनारक्षित महिला वर्ग के लिए निर्धारित किया गया है। ऐसे में अब किसी भी वर्ग की महिला मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकती है। आरक्षण की घोषणा के बाद कई संभावित प्रत्याशियों की उम्मीदें बढ़ी हैं।
65 वार्डों के आरक्षण से बदले चुनावी समीकरण
अलवर नगर निगम के 65 वार्डों का आरक्षण लॉटरी के जरिए निर्धारित किया गया। प्रक्रिया के दौरान प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में वार्डों का आरक्षण किया गया। आरक्षण के बाद कई ऐसे वार्ड भी हो सकते हैं जहां पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों को अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी। वहीं आरक्षित सीटों के कारण नए दावेदारों के लिए भी राजनीतिक मैदान खुल गया है। चुनाव की तारीखों से पहले ही वार्ड स्तर पर संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और राजनीतिक दल भी समीकरणों का आकलन करने में जुट गए हैं।
मेयर पद पर सामान्य महिला सीट, बढ़ी दावेदारों की उम्मीद
अलवर नगर निगम के महापौर पद का आरक्षण इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। मेयर पद अनारक्षित महिला के लिए निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि इस पद पर किसी भी वर्ग की महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकती है। सामान्य महिला सीट केवल सामान्य वर्ग की महिलाओं तक सीमित नहीं होती। नियमों के अनुसार एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाएं भी इस सीट पर दावेदारी कर सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों के भीतर महिला दावेदारों के नामों को लेकर मंथन तेज होने की संभावना है।
सामान्य महिला के लिए 13 वार्ड आरक्षित
आरक्षण प्रक्रिया के तहत नगर निगम के कुल 65 वार्डों में से 13 वार्ड अनारक्षित महिला वर्ग के लिए रखे गए हैं। इन वार्डों पर किसी भी वर्ग की महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर सकती है। इसके अलावा अन्य वार्डों को एससी, एसटी, ओबीसी और अनारक्षित वर्गों की अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों की सामाजिक और राजनीतिक पकड़ का आकलन करेंगे। खासतौर पर महिला दावेदारों के लिए इस बार नगर निगम चुनाव में अवसर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
समझें किस आरक्षण में कौन लड़ सकता है चुनाव
अनारक्षित ओपन: किसी भी वर्ग का पुरुष या महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है।
अनारक्षित महिला: किसी भी वर्ग की महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ सकती है।
OBC ओपन: OBC वर्ग का पुरुष या महिला उम्मीदवार पात्र होता है।
OBC महिला: केवल OBC वर्ग की महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकती है।
SC ओपन: SC वर्ग का पुरुष या महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है।
SC महिला: केवल SC वर्ग की महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ सकती है।
ST ओपन: ST वर्ग के पुरुष या महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं।
ST महिला: केवल ST वर्ग की महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर सकती है।
चौराहों और चाय की थड़ियों पर चुनावी चर्चा तेज
आरक्षण लॉटरी पूरी होने के साथ ही अलवर शहर में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। प्रमुख चौराहों, बाजारों और चाय की दुकानों पर लोग अपने-अपने वार्ड के नए समीकरणों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी संभावित प्रत्याशियों के नामों पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। अब निगाहें चुनाव कार्यक्रम और उम्मीदवारों के चयन पर टिकी हैं। मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण इस बार नगर निगम की राजनीति में महिला नेतृत्व को लेकर भी मुकाबला खासा दिलचस्प रहने की संभावना है।