रांची छात्र आंदोलन में नया मोड़, देवेंद्र नाथ महतो बोले- ‘एकजुट रहें, समय आने पर करूंगा खुलासा’
रांची में जेपीएससी और जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का सत्याग्रह लगातार जारी है। आंदोलन के बीच अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने एक वीडियो संदेश के जरिए छात्रों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के करीब एक महीने बाद कुछ लोग इसे कमजोर करने और इसकी दिशा बदलने की कोशिश कर रहे हैं। महतो का कहना है कि आंदोलन के दबाव में सरकार जांच कमेटी गठित करने और कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ी है, लेकिन छात्रों को अभी पूरा न्याय नहीं मिला है। उन्होंने संकेत दिया कि समय आने पर आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले लोगों को लेकर बड़े खुलासे किए जाएंगे।
21वें दिन भी जारी रहा छात्रों का सत्याग्रह
जेपीएससी-जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रांची में छात्रों का सत्याग्रह शुक्रवार को 21वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन में छात्र अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में उपचाररत हैं। उन्होंने अस्पताल से छात्रों के नाम संदेश जारी किया। महतो ने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश से छात्रों को सावधान रहना होगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट बने रहें।
‘आंदोलन की ताकत से सरकार बैकफुट पर’
देवेंद्र नाथ महतो ने अपने संदेश में कहा कि छात्रों की एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। उनका दावा है कि आंदोलन के दबाव के कारण सरकार को छात्रों की मांगों पर ध्यान देना पड़ा और जांच कमेटी गठित करने के साथ कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। महतो के अनुसार छात्रों को अभी पूरी तरह न्याय मिलने का इंतजार है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक रुख दिखाई देना एक कदम जरूर है, लेकिन जब तक छात्रों की प्रमुख मांगों पर ठोस और संतोषजनक समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन को कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए।
आंदोलन को भटकाने की कोशिश का आरोप
छात्र नेता ने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के करीब 29-30 दिन बाद कुछ तत्व इसे कमजोर करने या उसकी दिशा बदलने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति या संगठन का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया। महतो ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम की स्थिति में आंदोलन की मूल मांगों से न भटकें। उन्होंने कहा कि आंदोलन को बचाए रखना जरूरी है, क्योंकि इसकी ताकत छात्रों की एकजुटता में है। उनके इस बयान के बाद आंदोलन के भीतर संभावित मतभेद और उसे लेकर चल रही चर्चाओं ने नया राजनीतिक और सामाजिक ध्यान खींचा है।
‘समय आने पर सारे चेहरों का खुलासा करूंगा’
देवेंद्र नाथ महतो ने अपने बयान में यह भी कहा कि आंदोलन को प्रभावित करने वाले लोगों को लेकर वह फिलहाल विस्तार से जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय आने पर ऐसे लोगों के बारे में खुलासा किया जाएगा। महतो ने छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे आंदोलन को न भटकने दें और न किसी दूसरे को इसकी दिशा बदलने दें। उन्होंने यह भी कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, छात्रों को अपनी एकजुटता बनाए रखनी होगी। उनके इस बयान से आंदोलन के आगे के स्वरूप और संभावित खुलासों को लेकर छात्रों के बीच चर्चा बढ़ सकती है।
अस्पताल से जल्द लौटने की उम्मीद
अस्पताल में इलाज करा रहे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से जल्द डिस्चार्ज करने का आग्रह किया है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही उनके बीच वापस आने की कोशिश करेंगे। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच उनके अस्पताल में भर्ती होने के बाद आंदोलनकारियों के लिए उनकी वापसी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही डिस्चार्ज का निर्णय होगा। फिलहाल उन्होंने अस्पताल से ही आंदोलन को लेकर छात्रों से संवाद बनाए रखा है और उन्हें शांतिपूर्ण एवं संगठित तरीके से अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने की अपील की है।
अनशनकारी छात्रा उम्मे हबीबा ने भी की अपील
इधर सदर अस्पताल में इलाजरत अनशनकारी छात्रा उम्मे हबीबा ने भी वीडियो संदेश के जरिए मुख्यमंत्री से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्र और छात्राएं काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं और सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हबीबा ने मुख्यमंत्री से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की उम्मीद जताई। उनके मुताबिक यदि सरकार आंदोलनकारियों से संवाद करे तो समस्याओं का रास्ता निकाला जा सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब रांची में छात्र आंदोलन लगातार जारी है और कई आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हुए हैं।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया भर्ती
अनशन पर बैठी उम्मे हबीबा की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे अनशन में शामिल थीं। जानकारी के अनुसार बीते मंगलवार को स्वास्थ्य खराब होने के बाद उन्हें चिकित्सा सुविधा के लिए अस्पताल ले जाया गया। आंदोलन के दौरान अनशन कर रहे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति भी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में आंदोलनकारियों की मांगों के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य को लेकर भी प्रशासन और सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और सत्याग्रह जारी रखने की बात कह रहे हैं।
आंदोलन के अगले कदम पर टिकी नजर
रांची के छात्र आंदोलन में अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और आंदोलनकारियों के रुख पर है। एक ओर सरकार की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आ रही है, वहीं आंदोलनकारी अभी अपनी मांगों को पूरी तरह पूरा नहीं मान रहे हैं। देवेंद्र नाथ महतो के ताजा बयान ने आंदोलन के भीतर एकजुटता बनाए रखने और कथित तौर पर इसे कमजोर करने की कोशिशों का मुद्दा सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच संवाद, जांच की प्रगति और मांगों पर होने वाली कार्रवाई यह तय करेगी कि आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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