बांकीपुर और दतिया में BJP की हार के बाद फिर छिड़ी EVM पर बहस, सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाओं की बाढ़
तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस को हवा दे दी है। बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर पार्टी ने जीत दर्ज की। परिणाम सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने EVM को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं, जिससे यह मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में आ गया।
दो सीटों पर हार के बाद EVM पर तेज हुई चर्चा
तीन राज्यों में हुए उपचुनावों के परिणाम सोमवार को घोषित किए गए। इनमें बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को हार मिली, जबकि गुजरात की मांजलपुर सीट पर पार्टी ने जीत हासिल की। नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर EVM को लेकर नई बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने विपक्ष के पुराने आरोपों का हवाला देते हुए तंज कसे, वहीं कुछ लोगों ने चुनाव परिणामों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बताया। चुनावी नतीजों के साथ EVM पर उठी यह चर्चा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ट्रेंड करती रही।
अमित मालवीय की टिप्पणी बनी चर्चा का विषय
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी उपचुनाव परिणामों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि राहत की बात है कि बांकीपुर और दतिया के चुनाव परिणामों के लिए किसी ने EVM को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उनकी इस टिप्पणी के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस और तेज हो गई। कई यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक कटाक्ष बताया। इस पोस्ट के बाद EVM का मुद्दा फिर से ऑनलाइन चर्चाओं में प्रमुखता से उभर आया।
सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष के बीच चली तीखी बहस
उपचुनाव परिणाम आने के बाद X सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने लिखा कि जब किसी विशेष दल को हार मिलती है तो EVM पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन विपक्ष की जीत होने पर वही मशीनें निष्पक्ष मानी जाती हैं। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि चुनाव परिणाम जनता के जनादेश को दर्शाते हैं और हार-जीत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानना चाहिए। दूसरी ओर कुछ यूजर्स ने व्यंग्यात्मक टिप्पणियां करते हुए राजनीतिक दलों के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए। हालांकि ये सभी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर व्यक्त व्यक्तिगत विचार हैं।
बांकीपुर और दतिया में किसने दर्ज की जीत
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने उल्लेखनीय जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को लगभग 20 हजार मतों के अंतर से हराया। यह सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। वहीं मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को पराजित किया। दूसरी ओर गुजरात की मांजलपुर सीट पर बीजेपी ने अपनी पकड़ बरकरार रखते हुए जीत हासिल की। इन परिणामों ने राजनीतिक विश्लेषकों के बीच भी नई चर्चाओं को जन्म दिया है।