पीएम आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, हिरासत के बाद सांसद के. सुरेश ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं और सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और विपक्ष के साथ सख्ती बरतने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
पीएम आवास के बाहर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
छात्रों से जुड़े मुद्दों और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी नेताओं एवं सांसदों को हिरासत में लिया।
हिरासत के बाद के. सुरेश ने लगाए आरोप
हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे सांसदों के साथ सख्ती बरती गई और उन्हें “बेरहमी से हिरासत में लिया गया”। के. सुरेश ने कहा कि कांग्रेस छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थी और सरकार को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। ये के. सुरेश के आरोप हैं।
सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
के. सुरेश ने कहा कि छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनके अनुसार, सरकार को छात्रों की चिंताओं पर खुलकर जवाब देना चाहिए और पूरे मामले की जवाबदेही तय करनी चाहिए। यह कांग्रेस सांसद के. सुरेश का राजनीतिक बयान है।
छात्र आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
हाल के दिनों में छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। विपक्ष लगातार सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
सियासी टकराव जारी
छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विपक्ष जहां शिक्षा मंत्री समेत सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।