राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग उठाई, बोले- युवाओं के भविष्य पर बहस नहीं होगी तो संसद का उद्देश्य क्या?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन, कथित लाठीचार्ज और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यदि संसद देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा नहीं कर सकती, तो उसके उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात, संसद में चर्चा की मांग
राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर विशेष चर्चा कराने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि विपक्ष चाहता है कि छात्र आंदोलन, परीक्षा व्यवस्था और हाल की घटनाओं पर संसद में विस्तृत बहस हो। राहुल गांधी के अनुसार, स्पीकर ने कहा कि इस विषय पर चर्चा के लिए सरकार से भी विचार-विमर्श किया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि यह मुद्दा देश के लाखों छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जवाब देने और व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। यह राहुल गांधी का राजनीतिक बयान है।
सोशल मीडिया पर सरकार से पूछे तीखे सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि छात्रों ने अपने भविष्य से जुड़े सवाल उठाए, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया। उन्होंने सवाल किया कि यदि संसद युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो उसकी भूमिका क्या रह जाती है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद और जनता के बीच लगातार उठाता रहेगा।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और घटना पर प्रतिक्रिया देने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए गृह मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी का कहना था कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों और मांगों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
छात्रों के मुद्दे को संसद में उठाने पर विपक्ष अडिग
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह मजबूती से उठाएगा। उनके अनुसार, शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विषय केवल राजनीतिक नहीं बल्कि देश के भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की आवाज को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए और सरकार को उनकी चिंताओं का समाधान निकालने के लिए सकारात्मक पहल करनी चाहिए।