योगी कैबिनेट के 18 बड़े फैसले: छात्राओं को स्कूटी, नए एक्सप्रेसवे और कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर विकास, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं। बैठक में प्रयागराज-सोनभद्र एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेधावी छात्राओं के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ और संभल जांच रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने जैसे फैसलों पर मुहर लगी। इन निर्णयों का असर प्रदेश के लाखों छात्रों, यात्रियों और आम नागरिकों पर पड़ने की उम्मीद है।
प्रयागराज-सोनभद्र एक्सप्रेसवे से बदलेगी पूर्वांचल की तस्वीर
योगी कैबिनेट ने प्रयागराज से सोनभद्र तक लगभग 330 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का नेटवर्क और मजबूत होगा। सरकार का लक्ष्य तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिल सके।
लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को भी मिली हरी झंडी
कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली लिंक परियोजना के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस परियोजना में डेवलपर का चयन ईपीसी (Engineering, Procurement and Construction) मॉडल के तहत किया जाएगा। सरकार का कहना है कि अलग-अलग एक्सप्रेसवे को जोड़ने से राज्य में निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी और लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से लॉजिस्टिक्स लागत घटने के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों और कृषि उत्पादों की आवाजाही को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
मेधावी छात्राओं को मिलेगी ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ का लाभ
उच्च शिक्षा विभाग के तहत शुरू की जा रही ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ कैबिनेट की प्रमुख घोषणाओं में शामिल रही। योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विभिन्न कॉलेजों की शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी प्रदान की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिव्यांग छात्राओं तथा शहीद या निराश्रित परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, उनकी आवाजाही आसान बनाना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
कई विभागों से जुड़े अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में महिला कल्याण, गृह, परिवहन, राज्यकर, स्टांप एवं पंजीकरण, सहकारिता और उच्च शिक्षा विभाग सहित कई विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार होगा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। साथ ही नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया गया है। इन प्रस्तावों को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संभल जांच रिपोर्ट विधानसभा में होगी पेश
कैबिनेट ने संभल मामले की जांच रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी भी दे दी है। आगामी मानसून सत्र के दौरान इस रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिपोर्ट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। ऐसे में यह मुद्दा विधानसभा के सबसे चर्चित विषयों में शामिल रहने की संभावना है।
3 अगस्त से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सरकार कई विधायी और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में चार दिनों का यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां विकास योजनाओं के साथ कई संवेदनशील विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।