‘देश के लिए कौन लड़ेगा?’ जिमी शेरगिल ने युवाओं और रील्स कल्चर पर जताई चिंता
अभिनेता जिमी शेरगिल ने एक हालिया बातचीत में आज की युवा पीढ़ी, सोशल मीडिया और रील्स कल्चर को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि उनके समय में बड़ी संख्या में युवा सशस्त्र बलों में शामिल होने का सपना देखते थे, जबकि आज कई युवाओं का झुकाव सोशल मीडिया की ओर अधिक दिखाई देता है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
युवाओं की प्राथमिकताओं पर जताई चिंता
जिमी शेरगिल ने बातचीत के दौरान कहा कि उनके छात्र जीवन में कई युवा भारतीय सेना, वायुसेना और अन्य सशस्त्र बलों में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी सेना में जाने की कोशिश की थी, लेकिन कड़े चयन मानकों के कारण चयनित नहीं हो सके। उनके अनुसार उस समय रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होती थी।
रील्स कल्चर पर उठाए सवाल
जिमी शेरगिल ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म युवाओं के जीवन का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। उनका मानना है कि यदि युवाओं का अधिक समय केवल रील्स और ऑनलाइन कंटेंट बनाने में बीतेगा, तो देश सेवा जैसे क्षेत्रों के प्रति आकर्षण कम हो सकता है। उन्होंने युवाओं से संतुलित सोच अपनाने और अपने करियर के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।
‘देश के लिए कौन लड़ेगा?’
बातचीत के दौरान जिमी शेरगिल ने कहा कि यदि हर कोई केवल सोशल मीडिया तक सीमित रह जाएगा, तो देश की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी कौन निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों में भी योगदान देने के बारे में सोचना चाहिए। यह उनके व्यक्तिगत विचार हैं।
देशभक्ति पर आधारित फिल्मों की भूमिका बताई अहम
अभिनेता का मानना है कि सेना और देशभक्ति पर आधारित फिल्में युवाओं को प्रेरित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर बनी फिल्में देखने से कई युवाओं में भारतीय सेना या वायुसेना में शामिल होने की प्रेरणा पैदा हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश के वास्तविक नायकों की कहानियां नई पीढ़ी तक अधिक पहुंचनी चाहिए।
इन फिल्मों में नजर आएंगे जिमी शेरगिल
वर्क फ्रंट की बात करें तो जिमी शेरगिल आने वाले समय में कई फिल्मों में दिखाई देंगे। इनमें ‘ऑपरेशन सफेद सागर’, ‘मैजिकल वॉलेट’, ‘तुम रहे ना तुम’, ‘डीजीपी कश्मीर’ और ‘लाला मंजू’ जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। उनके प्रशंसक इन फिल्मों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।