बिहार विधान परिषद में पहली बार बोले निशांत कुमार, जन्मदिन पर मिला सम्मान, पिता नीतीश कुमार के काम आगे बढ़ाने की कही बात
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पहली बार विधान परिषद को संबोधित किया। अपने पहले भाषण में उन्होंने सदस्यों का जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए आभार जताया, नए सदस्य होने के कारण किसी भूल के लिए क्षमा मांगी और कहा कि वे अपने पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मानसून सत्र के पहले दिन सदन में दिया पहला संबोधन
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे के बीच हुई। विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पहली बार बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में शामिल हुए। सदन में बोलने के लिए जब उनका नाम पुकारा गया तो उन्होंने शांत अंदाज में अपना पहला संबोधन दिया। शुरुआत में तकनीकी कारणों से उनकी आवाज स्पष्ट नहीं आ रही थी, जिसके बाद माइक ठीक किया गया और उन्होंने अपना वक्तव्य पूरा किया।
जन्मदिन की शुभकामनाओं पर जताया आभार
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए निशांत कुमार ने कहा कि यह उनका सदन में पहला दिन है, इसलिए यदि उनसे कोई त्रुटि हो जाए तो उसे क्षमा किया जाए। उन्होंने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर सभी सदस्यों ने जिस आत्मीयता के साथ उन्हें शुभकामनाएं दीं, उसके लिए वे हृदय से आभारी हैं। सदन में मौजूद विभिन्न दलों के नेताओं और सभापति ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दी, जिसके लिए उन्होंने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया।
नीतीश कुमार की नीतियों को आगे बढ़ाने का संकल्प
अपने पहले भाषण में निशांत कुमार ने कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम है और सभी को मिलकर राज्य के विकास के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी।
एनडीए सरकार और केंद्र के सहयोग का किया उल्लेख
निशांत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व में अपनाई गई विकासोन्मुखी कार्यशैली के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहेगा और सरकार विकास की गति बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य और केंद्र के समन्वय से बिहार के विकास को नई गति मिलेगी।