हिस्ट्रीशीटर दिनेश स्वामी के घर पर बुलडोजर एक्शन, 19 गज अतिक्रमण हटाया; परिजनों ने किया विरोध
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन में हिस्ट्रीशीटर दिनेश स्वामी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके मकान के सामने बने कथित 19 गज अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। पुलिस और नगर परिषद की संयुक्त कार्रवाई के दौरान परिजनों ने विरोध जताया और मकान को दिनेश के बजाय उसके पिता की संपत्ति बताया। प्रशासन का कहना है कि नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
सोमवार सुबह डीडवाना-कुचामन जिले में पुलिस और नगर परिषद की संयुक्त टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हिस्ट्रीशीटर दिनेश स्वामी के घर पहुंची। प्रशासन ने मकान के सामने बने कथित अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान मुख्य गेट की दीवार, बाथरूम, शौचालय और पानी की हौद सहित कई हिस्सों को हटाया गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई।
25 मामलों का आरोपी, जांच में मिला अतिरिक्त निर्माण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिनेश स्वामी डीडवाना का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में महिलाओं से लूट की दो घटनाओं में गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उसकी संपत्तियों की जांच कराई। जांच में रेलवे स्टेशन के पास स्थित मकान का निर्माण स्वीकृत सीमा से लगभग 19 गज अधिक पाया गया। इसके बाद नगर परिषद ने 17 जुलाई को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। समय सीमा पूरी होने पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
इसे भी पढ़ें – गुंटूर में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को अस्पताल में बेसहारा छोड़ गए परिजन, 12 घंटे बाद शुरू हुआ इलाज
परिजनों का विरोध, पिता ने बताया अपना मकान
कार्रवाई शुरू होते ही दिनेश स्वामी के परिजनों ने प्रशासन के सामने विरोध दर्ज कराया। दिनेश के पिता भंवरलाल स्वामी ने दावा किया कि मकान उनके नाम पर है और इसका उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्वयं को दिव्यांग बताते हुए अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की अपील की। वहीं दिनेश की मां और बहन भी भावुक हो गईं और बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करती रहीं। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई जारी रखी और निर्धारित हिस्से को हटाकर अभियान पूरा किया।
नोटिस के बाद हुई कार्रवाई, प्रशासन ने बताया नियमानुसार कदम
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। संबंधित पक्ष को नोटिस देकर स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में ऐसा नहीं होने पर नगर परिषद और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार अभियान पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर चलाया गया। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
https://www.facebook.com/StvNews2006