रूस पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला, वेयरहाउस में 7 की मौत; तेल डिपो में भीषण आग
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच शनिवार को यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क में एक वेयरहाउस पर हुए हमले में सात कर्मचारियों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। वहीं मॉस्को क्षेत्र में तेल डिपो में आग लगने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
कोतोव्स्क के वेयरहाउस पर हमला, 7 कर्मचारियों की मौत
रूस के तांबोव क्षेत्र के गवर्नर एवगेनी पेरविशोव के मुताबिक, मॉस्को से लगभग 475 किलोमीटर दूर स्थित कोतोव्स्क शहर में ड्रोन हमला एक बड़े वेयरहाउस पर हुआ। घटना के समय रात की शिफ्ट में कर्मचारी काम कर रहे थे। हमले में सात कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हुए। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में किया जा रहा है।
रूसी एयर डिफेंस ने कई ड्रोन मार गिराने का दावा
रूसी अधिकारियों का कहना है कि एयर डिफेंस सिस्टम ने हमले के दौरान 28 ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। प्रशासन के अनुसार, यदि सभी ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंच जाते तो जान-माल का नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। हमले के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच एजेंसियां नुकसान का आकलन कर रही हैं।
इलेक्ट्रोस्टल में भी हमला, कई लोग घायल
मॉस्को क्षेत्र के इलेक्ट्रोस्टल शहर में भी एक अन्य वेयरहाउस को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। इस घटना में 24 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। संबंधित कंपनी के प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के इलाज में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
तेल डिपो में आग, अस्पताल कराया गया खाली
मॉस्को क्षेत्र के नोगिंस्क शहर में ड्रोन के मलबे के गिरने से एक तेल डिपो में आग लग गई। इस हादसे में दो लोग घायल हुए हैं। एहतियात के तौर पर पास स्थित मैटरनिटी अस्पताल को खाली कराया गया। दमकल की कई टीमें आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लगातार जारी है ड्रोन और मिसाइल हमलों का दौर
फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों देश लगातार एक-दूसरे पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं। हालिया हमला रूस के भीतर हाल के समय के बड़े ड्रोन अभियानों में शामिल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले युद्ध के मोर्चे से आगे बढ़कर रणनीतिक और आर्थिक ठिकानों को भी प्रभावित कर रहे हैं।