ईरान पर बढ़ सकता है अमेरिकी दबाव! इजरायल में अतिरिक्त सैन्य रिफ्यूलिंग विमान तैनात करने की तैयारी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ईरान को लेकर अपनी सैन्य तैयारियां तेज करता दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इजरायल में अतिरिक्त सैन्य रिफ्यूलिंग विमान तैनात करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वॉशिंगटन कई सैन्य विकल्पों की समीक्षा कर रहा है और आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।
ईरान को लेकर सैन्य रणनीति पर मंथन
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक कर ईरान को लेकर कई रणनीतिक विकल्पों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि प्रशासन संभावित सैन्य अभियान के विस्तार सहित कई विकल्पों का मूल्यांकन कर रहा है। हालांकि, अभी तक किसी नई कार्रवाई को मंजूरी नहीं दी गई है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि क्षेत्रीय हालात और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं। आधिकारिक तौर पर किसी सैन्य अभियान के विस्तार की पुष्टि नहीं की गई है।
रिफ्यूलिंग विमान बढ़ाने की योजना
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका इजरायल में कई अतिरिक्त एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग विमान भेजने की तैयारी कर रहा है। ऐसे विमान लड़ाकू विमानों को उड़ान के दौरान ईंधन उपलब्ध कराते हैं, जिससे वे लंबी दूरी और अधिक समय तक मिशन संचालित कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि फिलहाल भी अमेरिका के कई रिफ्यूलिंग विमान इजरायल में मौजूद हैं और उनकी संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह योजना लागू होती है तो अमेरिकी वायुसेना की परिचालन क्षमता और मजबूत हो सकती है।
परमाणु ठिकानों समेत कई विकल्पों पर चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी रणनीतिकार ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़े रणनीतिक ठिकानों को लेकर भी विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें ऊर्जा ढांचे और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने जैसी संभावनाएं भी शामिल बताई गई हैं। हालांकि, इन दावों की अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल यह संभावित विकल्पों का आकलन भर है और अंतिम निर्णय परिस्थितियों के अनुसार लिया जाएगा।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बनी हुई है नजर
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की रणनीति का एक प्रमुख उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को सामान्य बनाए रखना भी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अमेरिका चाहता है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा न आए और समुद्री व्यापार प्रभावित न हो। इसी कारण सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर तैयारियां जारी हैं। क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।
इजरायल में तैनाती को लेकर अलग-अलग राय
अतिरिक्त अमेरिकी विमानों की संभावित तैनाती को लेकर इजरायल के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। कुछ नेताओं ने सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से विमानों की संख्या सीमित रखने की बात कही है, जबकि रक्षा प्रतिष्ठान इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कदम मान रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने इस संबंध में इजरायल सरकार से औपचारिक अनुरोध किया है। अंतिम फैसला दोनों देशों के बीच सुरक्षा समन्वय और इजरायली नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।