हिजबुल कमांडर के कथित वीडियो से मचा बवाल, कश्मीर में पाक आतंकियों की मौजूदगी का दावा
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान की भूमिका पर बहस तेज हो गई है। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के डिप्टी सुप्रीम कमांडर शमशेर खान के एक कथित वीडियो में दावा किया गया है कि कश्मीर के विभिन्न इलाकों में पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय रहे हैं और उनकी कब्रें भी मौजूद हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो में क्या दावा किया गया?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो में शमशेर खान यह कहते हुए दिखाई देता है कि कश्मीर के लोलाब, कुपवाड़ा से लेकर कठुआ तक कई स्थानों पर पाकिस्तानी आतंकवादियों की कब्रें मौजूद हैं। उसके अनुसार, कश्मीर में ऐसा कोई कब्रिस्तान नहीं है जहां किसी पाकिस्तानी आतंकी को दफन न किया गया हो।
यदि वीडियो प्रामाणिक है, तो यह बयान पाकिस्तान की उस आधिकारिक स्थिति से अलग माना जा रहा है, जिसमें वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देने से इनकार करता रहा है।
पीओके के कार्यक्रम का बताया जा रहा वीडियो
रिपोर्टों के अनुसार, यह कथित वीडियो 8 जुलाई का है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में जमात-ए-इस्लामी के एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान शमशेर खान ने पाकिस्तान और कश्मीर के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों के रिश्ते को कोई अलग नहीं कर सकता।
हालांकि, इस दावे और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
JAAC पर भी साधा निशाना
वीडियो में शमशेर खान ने पीओके में सक्रिय जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की भी आलोचना की। उसने संगठन पर पाकिस्तान के खिलाफ काम करने और भारत के हित में गतिविधियां चलाने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि हाल के महीनों में पीओके में महंगाई, बिजली दरों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर JAAC के नेतृत्व में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
आतंकवाद को लेकर भारत का रुख
भारत लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की धरती से संचालित आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में हिंसा और घुसपैठ को बढ़ावा देते हैं। पाकिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है और कहता है कि वह केवल कश्मीर के लोगों का राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन करता है।
क्या है हिजबुल मुजाहिदीन?
हिजबुल मुजाहिदीन की स्थापना 1989 में हुई थी। संगठन का घोषित उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करना है। भारत, अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई देशों और संगठनों ने हिजबुल मुजाहिदीन को प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित किया है। संगठन का प्रमुख सैयद सलाउद्दीन माना जाता है, जिसका ठिकाना लंबे समय से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में बताया जाता है।