पांचना बांध विवाद पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 146 फेसबुक अकाउंट बंद; 48 लोगों के खिलाफ जांच तेज
राजस्थान के करौली और सवाईमाधोपुर जिलों में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर 146 फेसबुक अकाउंट बंद कराने की कार्रवाई की है। साथ ही 48 लोगों को नामजद कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भड़काऊ पोस्ट पर दर्ज हुईं तीन एफआईआर
पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार विवादित पोस्ट और टिप्पणियां सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ पोस्ट और टिप्पणियां ऐसी थीं, जिनसे दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ने और क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसी आधार पर तकनीकी साक्ष्य जुटाकर कानूनी कार्रवाई की गई और संबंधित मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
146 फेसबुक अकाउंट बंद, 48 लोग नामजद
जिला पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वाले 146 फेसबुक अकाउंट को बंद कराने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा करौली और सवाईमाधोपुर जिलों के 24-24 लोगों सहित कुल 48 व्यक्तियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और आवश्यक कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
साइबर टीम अन्य जिलों तक कर रही जांच
पुलिस ने जांच का दायरा केवल करौली और सवाईमाधोपुर तक सीमित नहीं रखा है। साइबर टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल पोस्ट और वीडियो किन-किन स्थानों से अपलोड किए गए और इसमें अन्य जिलों के लोग भी शामिल हैं या नहीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अकाउंट, पोस्ट, वीडियो और डिजिटल रिकॉर्ड का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शांति बनाए रखने की अपील, अफवाहों से बचने की सलाह
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अपुष्ट, भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि बिना सत्यापन के संदेश, फोटो या वीडियो आगे भेजने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पुलिस लगातार सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रख रही है और समाज में वैमनस्य फैलाने या अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से शांति, संयम और आपसी सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की गई है।