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योगी सरकार का बड़ा फैसला: किसानों को मुफ्त बिजली, BPL उपभोक्ताओं को 3 रुपये यूनिट पर मिलेगी बिजली

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत देते हुए बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई सब्सिडी व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लिए गए इस फैसले के तहत किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि बीपीएल और लाइफलाइन श्रेणी के घरेलू उपभोक्ताओं को मात्र 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचेगा।

किसानों के लिए मुफ्त बिजली पर सरकार का बड़ा निवेश

प्रदेश सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पावर कॉरपोरेशन को 12,845 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे कृषि लागत कम होगी और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी। यह सहायता सीधे बिजली वितरण व्यवस्था के माध्यम से दी जाएगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। सरकार इसे कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

BPL और लाइफलाइन उपभोक्ताओं को 3 रुपये प्रति यूनिट बिजली

नई व्यवस्था के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और लाइफलाइन श्रेणी के घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली केवल 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध होगी। इसके लिए राज्य सरकार प्रति यूनिट 3.75 रुपये की सब्सिडी वहन करेगी। वहीं, अन्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार पिछले कई वर्षों से विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बिजली दरों में सब्सिडी देकर राहत प्रदान कर रही है।

3.41 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 3.41 करोड़ से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें लगभग 1.79 करोड़ लाइफलाइन उपभोक्ता शामिल हैं, जो एक किलोवाट तक के कनेक्शन और प्रति माह 100 यूनिट से कम बिजली की खपत करते हैं। इन उपभोक्ताओं को कम दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

बिजली दरें स्थिर रखने पर सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने चालू वित्तीय वर्ष में बिजली आपूर्ति की औसत लागत लगभग 7.96 रुपये प्रति यूनिट आंकी है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि सब्सिडी के जरिए बिजली दरों को नियंत्रित रखा जाएगा, ताकि आम उपभोक्ताओं, किसानों और कमजोर वर्गों को राहत मिल सके। इस निर्णय को सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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