राजस्थान में बड़ा फैसला: 300 इंग्लिश मीडियम स्कूल फिर होंगे हिंदी माध्यम, शिक्षा विभाग में हलचल
राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। राज्य के करीब 300 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों को फिर से हिंदी माध्यम में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कम नामांकन और संसाधनों की कमी को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
शिक्षा विभाग का कहना है कि कई इंग्लिश मीडियम स्कूलों में छात्रों का नामांकन बेहद कम है और पर्याप्त संसाधनों की कमी भी बनी हुई है। ऐसे में इन स्कूलों में अपेक्षित स्तर की अंग्रेजी शिक्षा नहीं मिल पा रही थी। विभाग का मानना है कि माध्यम परिवर्तन से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
300 स्कूलों की होगी विस्तृत समीक्षा
प्रदेश के लगभग 300 स्कूलों की सूची तैयार की गई है, जहां स्थिति का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से स्कूलवार रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें नामांकन, विषय, स्टाफ और आसपास के स्कूलों की स्थिति जैसी जानकारी शामिल होगी। यह रिपोर्ट अगले 7 कार्य दिवसों में शिक्षा निदेशालय को भेजनी होगी।
शिक्षा मंत्री के निर्देश और विभाग की कार्रवाई
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश के बाद शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों को पत्र जारी किया है। इसमें स्कूलों को इंग्लिश से हिंदी माध्यम में बदलने का औचित्य स्पष्ट करने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
आगे क्या होगा असर?
सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का असर आने वाले समय में शिक्षकों के तबादलों और स्कूल स्टाफ के पुनर्गठन पर भी पड़ सकता है। राजस्थान में हाल ही में तबादला प्रतिबंध हटाए जाने के बाद यह बदलाव शिक्षा प्रणाली में बड़े प्रशासनिक फेरबदल का संकेत माना जा रहा है।