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PoJK में बढ़ा विरोध प्रदर्शन, JAAC का 5 जुलाई को चक्का जाम का ऐलान; प्रशासन पर दमन के आरोप

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में नागरिक अधिकारों को लेकर जारी आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारी संगठन जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 5 जुलाई को क्षेत्रव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया है। संगठन के नेताओं ने पाकिस्तानी प्रशासन पर दमन, आपूर्ति बाधित करने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। वहीं, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

PoJK में आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में नागरिक सुविधाओं और अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पूरे क्षेत्र में 5 जुलाई को चक्का जाम और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य आम लोगों की बुनियादी समस्याओं और नागरिक अधिकारों के मुद्दे को उठाना है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की सरकार ने JAAC को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

JAAC नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

JAAC के प्रमुख नेताओं में शामिल सरदार अमन खान ने एक वीडियो संदेश जारी कर दावा किया कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन ने आटा, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में लोगों को आवश्यक सामान मिलने में कठिनाई हो रही है। वीडियो में उन्होंने जम्मू, श्रीनगर, लद्दाख और कारगिल के लोगों से नैतिक समर्थन की अपील भी की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान सरकार की ओर से इन दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

विरोध प्रदर्शन की वजह क्या है?

JAAC का कहना है कि उसका आंदोलन महंगाई, बिजली दरों, आटा और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। संगठन का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कड़ी कार्रवाई की गई और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। वहीं, पाकिस्तान प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आ रही हैं।

रावलकोट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ने के दावे

कुछ स्थानीय नेताओं और पाकिस्तान के पूर्व सांसदों ने दावा किया है कि रावलकोट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। उनके अनुसार कई स्थानों पर जांच चौकियां स्थापित की गई हैं और आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है। वहीं प्रशासन की ओर से इसे सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताया जा रहा है। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

5 जुलाई के चक्का जाम की तैयारी

प्रदर्शनकारी नेता शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद JAAC ने 5 जुलाई को क्षेत्रव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया है। संगठन के नेता खालिद मजीद बांडे ने कहा कि फिलहाल प्रशासन के साथ बातचीत की संभावना नहीं है और आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों के अधिकारों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।

क्षेत्रीय हालात पर बनी हुई है नजर

PoJK में जारी घटनाक्रम पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्थिति शांतिपूर्ण संवाद के जरिए नहीं सुलझी, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात की स्वतंत्र पुष्टि सीमित होने के कारण कई दावों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

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