Ayatollah Ali Khamenei Funeral: तेहरान में उमड़ा जनसैलाब, अंतिम विदाई के बीच सुरक्षा के घेरे में नया नेतृत्व
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए राजधानी तेहरान में लाखों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ग्रैंड मोसल्ला परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान शोक, धार्मिक भावनाएं और राजनीतिक संदेश एक साथ दिखाई दिए। इस बीच सुरक्षा कारणों से नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। अंतिम संस्कार में कई देशों के प्रतिनिधियों ने भी शामिल होकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तेहरान में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़
ईरान की राजधानी तेहरान स्थित ग्रैंड मोसल्ला धार्मिक परिसर में अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। ईरानी समयानुसार सुबह छह बजे श्रद्धांजलि स्थल के द्वार खोल दिए गए, जिसके बाद हजारों-लाखों लोग परिसर में जुट गए। राजधानी के विभिन्न इलाकों से लोग मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन के जरिए समारोह स्थल पहुंचे। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम कई दिनों तक जारी रहेगा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम दफन 9 जुलाई को किया जाएगा।
सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक मंच से दूर रहे मोजतबा खामेनेई
अंतिम संस्कार समारोह के दौरान सबसे अधिक चर्चा नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति को लेकर रही। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरे को देखते हुए उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहने की सलाह दी है। आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका-इजराइल के साथ जारी टकराव के कारण उनकी सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
श्रद्धांजलि सभा में गूंजे राजनीतिक और धार्मिक संदेश
ग्रैंड मोसल्ला परिसर में जुटे लोगों के हाथों में लाल झंडे दिखाई दिए, जिन्हें शिया परंपरा में प्रतिशोध और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धांजलि देने पहुंचे समर्थकों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और ईरान के प्रति एकजुटता का प्रदर्शन किया। अंतिम संस्कार का माहौल केवल शोक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव की झलक भी साफ दिखाई दी। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित किया जा रहा है।
इराक में भी दिखा असर, बगदाद में बंद का ऐलान
अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का असर पड़ोसी देश इराक में भी देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार बगदाद प्रशासन ने अंतिम संस्कार जुलूस और शोक कार्यक्रमों को देखते हुए राजधानी में बंद की घोषणा की। बताया गया कि ईरान के अलावा इराक के कई शहरों में भी शोक जुलूस और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। दोनों देशों के धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
रूस की ओर से दिमित्री मेदवेदेव ने दी श्रद्धांजलि
रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव विशेष प्रतिनिधि के रूप में तेहरान पहुंचे। उन्होंने दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और ईरान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन तथा विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद रहे। रूस की यह भागीदारी दोनों देशों के रणनीतिक और राजनीतिक संबंधों की अहमियत को दर्शाती है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया की परिस्थितियां लगातार संवेदनशील बनी हुई हैं।
सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने भी अर्पित की श्रद्धांजलि
सऊदी अरब के उप-विदेश मंत्री वलीद अल-खिरेजी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने भी अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। यह उपस्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में क्षेत्रीय तनाव और सैन्य घटनाओं के बावजूद दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की कोशिशें जारी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की कूटनीतिक मौजूदगी पश्चिम एशिया में संवाद और संतुलन बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।