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अलवर में डीएनटी समुदाय का प्रदर्शन, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मिनी सचिवालय पर धरना


अलवर में शुक्रवार को डीएनटी (डीनोटिफाइड, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू) समुदाय के लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मिनी सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे समाज के लोगों ने सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया और प्रशासन को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।

आरक्षण और अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा डीएनटी समाज

डीएनटी समुदाय के लोग सुबह से ही अलवर मिनी सचिवालय पहुंचे और मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका समाज वर्षों से सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा हुआ है, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार सरकार और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसी कारण अब आंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की जा रही है।

सरकार को सौंपा 11 सूत्रीय मांग पत्र

धरना प्रदर्शन के दौरान डीएनटी समाज की ओर से प्रशासन के माध्यम से सरकार को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। समाज के नेताओं ने बताया कि मांग पत्र में समुदाय के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से समाज के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।

सरकारी नौकरियों और राजनीति में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में सरकारी नौकरियों और राजनीतिक पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण शामिल है। समाज का कहना है कि आबादी के अनुपात में उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है, जिससे वे विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार विशेष नीति बनाकर डीएनटी समुदाय को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए, ताकि युवाओं को रोजगार और राजनीतिक भागीदारी में उचित स्थान मिल सके।

शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर

समुदाय के लोगों ने शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि घुमंतू और अर्धघुमंतू परिवारों के बच्चों को शिक्षा तक पहुंचने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, छात्रवृत्ति, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। समाज का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

धरने में शामिल समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि समाज के अधिकारों और भविष्य के लिए है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।

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