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पुंछ में सैन्य अभ्यास के दौरान हादसा, ग्रेनेड विस्फोट में दो जवान गंभीर रूप से घायल

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के नजदीक सेना के नियमित प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान एक दुर्घटना हो गई। सैन्य पोस्ट पर हथियार संचालन की ड्रिल के बीच अचानक ग्रेनेड विस्फोट होने से दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद सेना ने तत्काल राहत एवं चिकित्सा कार्रवाई शुरू करते हुए दोनों जवानों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बाद में एयरलिफ्ट कर उधमपुर के सैन्य अस्पताल भेजा गया। सेना ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

प्रशिक्षण के दौरान हुआ विस्फोट

जानकारी के अनुसार यह घटना पुंछ सेक्टर के माल्टी क्षेत्र में स्थित एक अग्रिम सैन्य पोस्ट पर हुई। दोपहर करीब 12:30 बजे जवान नियमित प्रशिक्षण और हथियार संचालन से जुड़ी ड्रिल में भाग ले रहे थे। इसी दौरान एक ग्रेनेड अचानक विस्फोट हो गया। धमाका होते ही प्रशिक्षण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद सैनिकों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। सेना के अधिकारियों ने मौके को सुरक्षित कर घायल जवानों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।

दो जवान गंभीर रूप से घायल

विस्फोट में घायल हुए जवानों की पहचान बिहार बटालियन के लांस नायक रविंदर भेरा और अग्निवीर शक्ति प्रसाद के रूप में हुई है। दोनों जवानों को विस्फोट से गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें तत्काल पुंछ स्थित 425 फील्ड हॉस्पिटल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उनकी स्थिति गंभीर बताते हुए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता जताई। इसके बाद सेना ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और आगे की चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की।

एयरलिफ्ट कर उधमपुर भेजा गया

घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए सेना ने एयर इवैक्यूएशन की प्रक्रिया शुरू की। विशेष सैन्य व्यवस्था के तहत दोनों जवानों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से उधमपुर स्थित नॉर्दर्न कमांड हॉस्पिटल भेजा गया। सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जवानों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सैन्य अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आगे के इलाज में जुटी हुई है।

जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित

घटना के बाद सेना ने हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित कर यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की है कि प्रशिक्षण के दौरान विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। जांच में सुरक्षा मानकों, हथियार संचालन प्रक्रिया और प्रशिक्षण के दौरान अपनाई गई सावधानियों की समीक्षा की जाएगी। सेना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और प्रशिक्षण गतिविधियों को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

LoC क्षेत्र में सुरक्षा और प्रशिक्षण दोनों महत्वपूर्ण

पुंछ सेक्टर नियंत्रण रेखा से सटा संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां सेना लगातार सतर्कता और प्रशिक्षण दोनों पर विशेष ध्यान देती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों को किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से निपटने के लिए नियमित अभ्यास कराया जाता है। हालांकि इस दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है, फिर भी कभी-कभी तकनीकी या मानवीय कारणों से हादसे हो जाते हैं। सेना अब इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि प्रशिक्षण प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाया जा सके।

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