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नाटो सीमा के पास रूस की बढ़ी सैन्य गतिविधियां, यूरोप में बढ़ी बेचैनी

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और सुरक्षा रिपोर्टों के बाद यह दावा किया जा रहा है कि रूस ने नाटो सदस्य देशों की सीमाओं के आसपास अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। इससे यूरोप में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं और संभावित क्षेत्रीय तनाव को लेकर बहस तेज हो गई है।

सीमा क्षेत्रों में बढ़ाया जा रहा सैन्य ढांचा

रिपोर्टों के मुताबिक रूस ने पिछले दो वर्षों में कई सैन्य अड्डों का विस्तार किया है। इनमें नए बैरक, हथियार भंडारण केंद्र और सैन्य वाहनों के लिए बुनियादी ढांचा शामिल है। नार्वे, फिनलैंड और एस्टोनिया के नजदीक स्थित रूसी क्षेत्रों में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रूस की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

यूरोपीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने जताई चिंता

कुछ पश्चिमी सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि रूस की गतिविधियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनका मानना है कि यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की जरूरत है। हालांकि कई विश्लेषकों का यह भी कहना है कि यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के लिए किसी नए बड़े मोर्चे पर सक्रिय होना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने नाटो देशों की सतर्कता बढ़ा दी है।

ब्रिटेन में भी रक्षा तैयारियों पर बहस तेज

ब्रिटेन के कुछ पूर्व अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों ने भविष्य के संभावित खतरों को देखते हुए सैन्य निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और मजबूत रक्षा व्यवस्था जरूरी है। इस मुद्दे ने ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों में सुरक्षा नीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

रूस ने हमले की मंशा से किया इनकार

रूस लगातार यह कहता रहा है कि उसकी नाटो देशों पर हमला करने की कोई योजना नहीं है। मॉस्को का दावा है कि उसकी सैन्य गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों के तहत की जा रही हैं। वहीं सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में कूटनीतिक प्रयास और संवाद ही क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का सबसे प्रभावी रास्ता हो सकते हैं।

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Stv News Rajasthan

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