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9 महीने से वेतन नहीं मिलने पर दमकलकर्मी हड़ताल पर, करौली फायर स्टेशन पर लटका ताला

राजस्थान के करौली जिले में फायर ब्रिगेड व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पिछले 9 महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज निजी दमकलकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय स्थित फायर स्टेशन पर ताला लटका हुआ है। ऐसे में आगजनी जैसी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

फायर स्टेशन पर नहीं मिला स्टाफ

करौली जिला मुख्यालय के फायर स्टेशन की स्थिति तब सामने आई जब सुबह निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर ताला लगा मिला। सुबह 9:30 बजे कर्मचारियों की ड्यूटी का समय होने के बावजूद वहां कोई मौजूद नहीं था। रिकॉर्ड के अनुसार पांच कर्मचारियों में से केवल एक की उपस्थिति दर्ज थी। इससे शहर की आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

30 से अधिक दमकलकर्मी हड़ताल पर

फायर स्टेशन से जुड़े 30 से अधिक निजी दमकलकर्मी और वाहन चालक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार शहर की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा। हड़ताल के चलते फायर स्टेशन का नियमित संचालन प्रभावित हो गया है और आपात सेवाओं पर संकट मंडरा रहा है।

9 महीने से नहीं मिला भुगतान

हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 9 महीने से नियमित वेतन नहीं मिला है। अक्टूबर 2024 का भुगतान अभी तक लंबित है, जबकि जनवरी 2026 से अब तक का वेतन भी जारी नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और अन्य जरूरी खर्च पूरे करना चुनौती बन गया है।

कई बार लगा चुके हैं गुहार

दमकलकर्मियों के अनुसार वे कई बार जिला प्रशासन, नगर परिषद और प्रभारी मंत्री तक अपनी समस्या पहुंचा चुके हैं। बावजूद इसके उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

प्रशासन ने बजट की कमी बताई

मामले पर फायर स्टेशन प्रभारी भावना गुर्जर ने भुगतान में देरी के पीछे बजट की कमी को कारण बताया है। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से एक ही जवाब दिया जा रहा है, लेकिन समाधान नहीं निकाला गया। इस बीच प्रशासन की ओर से हड़ताल खत्म कराने के लिए कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।

कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च

अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने फायर स्टेशन से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों के आंदोलन के चलते शहर की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

आगजनी की स्थिति में बढ़ सकता है खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हड़ताल के दौरान किसी बड़ी आगजनी या आपदा की घटना होती है तो स्थिति गंभीर हो सकती है। फायर स्टेशन की सेवाएं बाधित होने से राहत कार्य में देरी होने की आशंका है। ऐसे में लोगों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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