जयपुर SMS अस्पताल में संविदाकर्मी ने दी जान, नौकरी जाने के सदमे में उठाया खौफनाक कदम
राजधानी जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। महिला चिकित्सालय में कार्यरत एक संविदाकर्मी ने कथित तौर पर नौकरी से हटाए जाने के बाद जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी तनाव का माहौल बन गया है। सैकड़ों संविदाकर्मी विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं और परिजन मुआवजे व नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं।
नौकरी से हटाए जाने के बाद टूटा संविदाकर्मी
मृतक की पहचान दीपक चरवाल के रूप में हुई है, जो पिछले चार वर्षों से महिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ के तौर पर सेवाएं दे रहा था। जानकारी के अनुसार अस्पताल प्रशासन ने हाल ही में महिला चिकित्सालय से करीब 150 संविदाकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया था। इसके अलावा जेके लोन अस्पताल के लगभग 200 कर्मचारियों को भी हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बताया जा रहा है कि इसी फैसले से दीपक बेहद परेशान और मानसिक तनाव में था।
जहर खाने के बाद अस्पताल में मचा हड़कंप
शुक्रवार को दीपक ने कथित रूप से जहर खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। संविदाकर्मी की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौके पर जमा हो गए।
कर्मचारियों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद संविदाकर्मियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मियों को बिना ठोस कारण हटाया जा रहा है। उनका कहना है कि अचानक लिए गए इस फैसले ने सैकड़ों परिवारों को संकट में डाल दिया है। कर्मचारियों ने प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए फैसले को वापस लेने की मांग की।
इमरजेंसी के बाहर धरना, मुआवजे की मांग
दीपक के परिजन और साथी कर्मचारी एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। परिजनों का कहना है कि नौकरी जाने के सदमे ने दीपक को यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
कांग्रेस नेता पहुंचे समर्थन में
घटना की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस नेता रफीक खान और अमीन कागजी धरना स्थल पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने संविदाकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का दावा है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अस्पताल परिसर में भारी पुलिस जाब्ता तैनात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।