खेलते-खेलते पानी की टंकी में गिरी मासूम, डेढ़ साल की बच्ची की दर्दनाक मौत
नानी के घर आई थी मासूम, परिवार की नजर हटते ही हुआ दर्दनाक हादसा
अलवर जिले के खेड़ली क्षेत्र के समीप स्थित पटवारी का नंगला गांव में एक हृदयविदारक हादसे में डेढ़ साल की मासूम बच्ची की पानी की टंकी में डूबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब बच्ची घर के बाहर खेल रही थी और परिवार के सदस्य घरेलू कार्यों में व्यस्त थे। हादसे के बाद बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।
नानी के घर आई थी डेढ़ साल की फिजा
जानकारी के अनुसार डेढ़ वर्षीय फिजा खान अपनी मां के साथ भीलवाड़ा जिले के लुहाड़िया क्षेत्र से अपनी नानी के घर पटवारी का नंगला गांव आई हुई थी। परिवार के लोग रिश्तेदारी में मिलने-जुलने और घरेलू कामकाज में व्यस्त थे। इसी दौरान मासूम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर में एक बड़ा हादसा हो जाएगा।
खेलते-खेलते पहुंची पानी की टंकी तक
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार खेलते समय फिजा घर के पास रखी पानी की खुली टंकी के पास पहुंच गई। मासूम होने के कारण वह खतरे को समझ नहीं सकी और अचानक टंकी में गिर गई। काफी देर तक बच्ची दिखाई नहीं देने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान बच्ची पानी की टंकी में मिली। परिजन तुरंत उसे बाहर निकालकर अस्पताल लेकर रवाना हुए।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
घटना के बाद परिजन बच्ची को तत्काल खेड़ली उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो चुकी थी। अस्पताल में यह खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
परिवार में पसरा मातम, गांव में शोक
मासूम फिजा की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नानी के घर खुशियां लेकर आई बच्ची की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। गांव में भी घटना के बाद शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और मासूम के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
सावधानी की जरूरत, छोटे बच्चों पर रखें विशेष नजर
यह हादसा एक बार फिर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करता है। घरों में रखी पानी की टंकियों, कुओं और अन्य खतरनाक स्थानों को सुरक्षित ढंग से ढककर रखना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भी ऐसे दर्दनाक हादसों का कारण बन सकती है। विशेषज्ञ भी बच्चों पर लगातार निगरानी रखने और खुले जल स्रोतों को सुरक्षित रखने की सलाह देते हैं।